….घर पहुँचते ही मुंगेरी लाल की होने लगी छित्तर परेड

SIRMOUR (सिरमौर) पॉवटा साहिब मनोरंजन हिमाचल

मुंगेरी लाल के हसीन सपने….

पांवटा साहिब में एक मुंगेरी लाल ने आज से करीब 40 साल पहले जन्म लिया, बचपन से ही मुंगेरी लाल खुरापात करने में अपना ढाई सो ग्राम का भेजा लड़ाया करता था। मुंगेरी लाल का भेजा उम्र के साथ साथ बजनी जरूर होने लगा और भेजे के अंदर खुरापात करने का लेवल भी बढ़ने लगा। अब मुंगेरी लाल कॉलेज जाने लगा वहां भी ओछी हरकते करने से बाज नहीं आया। कई बार छिताई – पिटाई हुई , पैर पकडे और कुछ दिन शांत हुआ, सिलसिला लंबा चलता रहा। कॉलेज के एक सहपाठी ने बताया की उसने भी मुंगेरी लाल को बहुत पीटा, दौड़ा दौड़ा कर पीटा उस दौरान भी मुंगेरी लाल फॉर बाई फॉर लगा कर वहां से भाग खड़ा हुआ था।
कॉलेज के दिन ख़त्म हुए तो मुंगेरी रासलीला में पड़ गया , कहीं से मुफ्त में सेटिंग हो जाये बस दिमाग इन्ही बातों में लगा रहता। जैसे कैसे उसका घर बसा तो मुंगेरी लाल को लगा की वो समाज में अपना स्टेटस ऊंचा करेगा ताकि लोग उसे सलाम ठोकेंगे। पढाई के दिनों में ठीक से पढाई करता तो कुछ लिखना भी आता लेकिन अधूरे ज्ञान ने मुंगेरी लाल को न इधर का रखा न उधर का। अब हुआ यूँ की मुंगेरी लाल को सलाम ठोकने की जगह हर गली चौराहे पर लोग गालियां ठोकने लगे , जिन्होंने मुंगेरी को बड़ा सभ्य व्यक्ति समझा था उनके सामने जैसे ही मुंगेरी के असली रूप की वीडियो सामने आयी लोगो ने उससे कन्नी काटनी शुरू कर दी।
मुंगेरी लाल बैंक से 35 लाख का लोन बनवाने की फाइल लेकर गया , जब मैनेजर ने उसकी आईटीआर देखी तो फाइल थोबड़े पर पटक कर मुंगेरी लाल को बैंक से बाहर निकाल दिया। हाँ इतना जरूर था की मुंगेरी लाल के पिता के पास अच्छी सम्पत्ति थी जिसका मालिक बाद में मुंगेरी लाल बन गया।
मुंगेरी लाल ने तब सोंच लिया था की वो अपने पिता की संपत्ति बेच कर बड़ा मकान लेगा , महंगी कार लेगा और टौर के साथ बाजार की गेड़ी मरेगा। साथ में उसका ड्राइवर गाडी चलाएगा और बगल वाली सीट पर मुंगेरी लाल “रे-बेन” का महंगा चश्मा लगा कर बैठा होगा। उसके दुश्मन उससे जलेगें और वो मन ही मन प्रसन्न होकर उन्हें और चिढ़ाएगा। मुंगेरी लाल अपनी पत्नी को बच्चो के साथ घर पर छोड़ कर अपनी महिला मित्र के साथ हॉट कॉफी पीने निकलेगा , फ़ास्ट फ़ूड का मज़ा लेगा और शाम को दोस्तों के साथ चिल्ड बियर भी पिया करेगा।
मुंगेरी लाल ने ऐसा ही किया , उसने बाप की संपत्ति बेच कर एक अधूरा मकान ले लिया और अब उसकी रिपेयर में धूप में काला पड़ता जा रहा है। मुरम्मत के लिए फण्ड ख़त्म होने लगा , वक्त और हालत ने मुंगेरी लाल को ऐसा धोया की अभी उसे कोई उधार भी देने को तैयार नहीं है । ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से जो ख़बरें छन – छन कर बाहर आ रही है उसके अनुसार आजकल घर पहुँचते ही मुंगेरी लाल की छित्तर परेड भी होने लगी है। कुछ दिनों पहले मुंगेरी लाल इतना खौफ में था की किसी से फोन पर बात करते हुए ऐसे रिएक्ट करता था मानो फोन वाला उसके सामने ही खड़ा है। फिर से मुंगेरी लाल ने कछुए की तरह अपनी खाल से गर्दन बाहर निकाल कर शहर के मौसम का हाल जानने की हिम्मत जुटाई है, और नए सपने देखने लगा है।

{ Note – इस लेख से किसी भी फर्जी पत्रकार का कोई लेना -देना नहीं है, कृपया इस लेख को मनोरंजन के लिए पढ़े न की किसी की छवि को कमेंट के माध्यम से खराब करने के लिए }