एक विधवा की न्याय के लिए दिल्ली में पुकार..

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नितिन गड़करी के दिल्ली दरबार पहुंचा “HES Infra Pvt. Ltd” कंपनी मनमर्जी मामला..

NH-707 पर कंपनी द्वारा बिना अनुमति डंपिंग यार्ड बनाने के लगे आरोप..

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

नेशनल हाईवे-707 पर चल रहे विस्तारीकरण कार्य दौरान “HES इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी” पर गंभीर आरोप लगे हैं। कंपनी द्वारा बिना अनुमति बनाये गए डंपिंग यार्ड को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

मामला अब तूल पकड़ता जा रहा हैं। आज भूमि मालकिन व उनकी युवा बेटी ने नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात कर शिकायत दर्ज करवाई हैं। डंपिंग यार्ड को लेकर “HES इंफ्रा प्राइवेट कंपनी” पर सख्त कार्रवाई की मांग की हैं।

बता दें कि यह डंपिंग यार्ड पहले से ही चिन्हित किया गया था। लेकिन पीड़ित परिवार ने बीते दिनों पत्रकार वार्ता दौरान कहा कि उन्हें इस संदर्भ में पहले कोई सूचना नहीं दी गई, न ही उनसे पंचायत प्रधान,स्थानीय प्रशासन या कंपनी द्वारा अनुमति ली गई है। ऐसे में उक्त लगभग 6 बीघा जमीन पर मिट्टी गिराना पीड़ित पक्ष के लिए दुखदायी हैं।

बताया जा रहा है कि बिना अनुमति बनाये गए डंपिंग यार्ड में मिट्टी ने प्राकृतिक जल स्रोत को दफन कर दिया हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके घर में पहले ही विपत्तियों का पहाड़ टूटा है। गृहस्थी चलाने वाले मुख्या पुरुष की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद विधवा औरत के पास 3 बच्चे हैं, जिनके लालन-पालन के लिए वह दुग्ध उत्पादन का कार्य करती हैं।

पीड़ित परिवार के समक्ष अब यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि डंपिंग यार्ड की मिट्टी से उनकी पशु चारे वाली घास सब दफन हो गई है। जिसके चलते अब उनका दुग्ध उत्पादन बंद होने की कगार पर हैं। विधवा के समक्ष परिवार का पालन पोषण करने की गंभीर समस्या आ खड़ी हुई है।

पीड़ित परिवार में विधवा की एक बड़ी युवा शिक्षित लड़की है, जो इस तनाव के कारण अपने कॉम्पिटेटिव एक्जाम की तैयारी भी नहीं कर पा रही है।

पीड़ित परिवार ने मीडिया के समक्ष कहा था कि केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलने उपरांत यदि कोई समाधान नहीं निकला तो वह मजबूरन आत्महत्या कर लेंगे।

गौरतलब हो कि उक्त कंपनी पर मनमानी से कार्य करने के पहले भी आरोप लग चुके हैं। कंपनी द्वारा पहले भी मिट्टी को फॉरेस्ट एरिया में बिना अनुमति फैंका गया, जिस के बाद मामला मीडिया में आने उपरांत वन विभाग ने खानापूर्ति के लिए उनका चालान किया था।

इसी बाबत पीड़ित परिवार आज दिल्ली दरबार पहुंचा है, जहां उन्होंने अपनी समस्या को नितिन गडकरी के समक्ष रखा हैं। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता नाथूराम चौहान भी उनके साथ रहे।