पांवटा अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी के मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू

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जांच अधिकारी तहसीलदार पौण्टा ने अस्पताल प्रभारी चिकित्सक को जारी किया सम्मन..

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में मजदूर का पोस्टमार्टम 12 घंटे देरी से किए जाने के मामले में उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है।

मामले में अस्पताल प्रभारी चिकित्सक को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए सम्मन जारी किया गया है। उन्हें बुधवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा।

बता दें कि 7 अक्टूबर को एक हादसे में मजदूर की मौत के बाद मृतक के परिजन 12 घंटे से अधिक समय तक अंतिम क्रिया के लिए पोस्टमार्टम की प्रतीक्षा करते रहे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया।

इससे आहत समाज सेवी नाथूराम चौहान मृतक के परिजनों के साथ एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

पूरा मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम विवेक महाजन ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए तहसीलदार पौण्टा वेद प्रकाश अग्निहोत्री को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

मामले में जांच अधिकारी तहसीलदार वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने आदेश मिलते ही सिविल अस्पताल पांवटा साहिब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को सम्मन जारी किया है।

जारी आदेशों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को बुधवार को जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा गया है। तहसील कार्यालय से सिविल अस्पताल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को सम्मन जारी कर तलब करने की पुष्टि की गई है।

सनद रहे कि गत दिनों सामाजिक कार्यकर्ता नाथूराम चौहान द्वारा धरने पर अस्पताल परिसर में बैठने बाद अस्पताल प्रभारी ने एक बयान जारी कर बताया है कि उक्त पोस्टमार्टम में देरी के मामले में अस्पताल कर्मचारी या डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है।

उन्होंने सीधे तौर पर पोंटा पुलिस पर आरोप लगाया कि उनकी ओर से देरी से उन्हें शव व संबंधित कागजात प्राप्त हुए, जिसके उपरांत मात्र आधे घंटे में उन्होंने पोस्टमार्टम कर दिया था।

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