24 घंटों में अस्पताल के हालात नहीं सुधरे तो होगा धरना प्रदर्शन, नाथूराम चौहान ने दी चेतावनी

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सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

पांवटा अस्पताल की बिगड़ती व्यवस्था में सुधार को लेकर अब एक और सामाजिक संस्था आगे आई है। एंटी करप्शन एन्ड क्राइम कण्ट्रोल फोर्स स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। बिगत दिन लगभग 20 घंटे बाद पोस्टमार्टम के मामले को लेकर एसीसीएफ के प्रदेश प्रमुख गुस्से में हैं और उन्होंने अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही पर जांच की मांग उठाई है।

बताते चलें कि स्थानी कांग्रेस और बहती युवा विकास मंच सहित पांवटा साहिब की कुछ अन्य संस्थाएं भी अस्पताल में खूब व्यवस्थाओं को लेकर आगे आई हैं। हालांकि स्थानीय कांग्रेस सिर्फ बयान बाजी तक ही सिमट कर रह गई। अभी तक एक्शन मोड पर नहीं आई है। मगर नाथूराम चौहान ने पत्रकार वार्ता दौरान स्पष्ट कर दिया अब को व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि बीते रोज एक युवा की दुर्घटना में मौत हो गई थी। शव को परिजन पोस्टमार्टम के लिए पांवटा अस्पताल लाए थे। लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट इनॉग्रेशन कार्यक्रम को लेकर सभी डॉक्टर्स इतने व्यस्त दिखे कि लगभग 20 घंटे तक लाश ऐसे ही पड़ी रही।

चौहान ने बताया कि परिजन दर्जनों ग्रामीणों के साथ पोस्टमार्टम करवाने के लिए भटक रहे थे जबकि मृतक युवक का परिवार व गांव के सैंकड़ों लोगअंतिम संस्कार करने का भूखे प्यासे इंतज़ार करते रहे। यह मामला मानवता और कर्तव्य परायणता को शर्मसार कर देने वाला है। इससे मानवीय संवेदनाएं आहत हुई हैं। एसईसीएल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुजारिश की है कि तत्काल ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी को मंत्री पद से हटा दे नहीं तो आगामी चुनाव में भाजपा को इन सब कारनामों का नतीजा भुगतना पड़ सकता हैं।
नाथूराम चौहान ने पांवटा में विपक्ष की चुप्पी भी सवाल उठाए। अस्पताल की इतनी दुर्दशा है कि गर्भवती महिलाएं सीढ़ियों पर बैठी होती हैं। उन्हें बैठने तक की सुविधा नहीं हैं।
नाथूराम चौहान ने ऊर्जा ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, पांवटा प्रशासन व अस्पताल प्रशासन को चेताया है कि आगामी 24 घंटे के अंदर यदि प्रशासन ने इस लापरवाही पर जांच नहीं बिठाई तो वह अस्पताल गेट के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे।
पत्रकार वार्ता दौरान गिरिपार के ठोंठा जाखल से इंदर सिंह ने आपबीती सुनाई। इंदर सिंह बताया कि 18 सितंबर 2019 को उसकी बेटी छत से गिर गई थी, जिसके उपरांत उन्होंने 108 एंबुलेंस की सुविधा हेतू मदद मांगी। लेकिन एंबुलेंस उपस्थित होने बाद भी काफी समय तक सुविधा नहीं मिलने से बेटी की जान को खतरा हो गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचे कुछ पत्रकारों ने मामले पर संज्ञान लिया तब जाकर 108 एंबुलेंस सुविधा मिल सकी और बिटिया को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सका। इंदर सिंह ने बताया कि मीडिया के माध्यम से समय रहते उपचार को पहुंचने से उनकी बेटी की जान बच पाई थी।

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