पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का दिया संदेश

Local News SIRMOUR (सिरमौर) राजगढ़ हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ – राजगढ़

शैक्षिक आगाज सरकारी शिक्षकों का एक ऐसा समूह है जो हमेशा विद्यार्थी हित में कार्य करने के लिए तैयार रहता है शैक्षिक आगाज द्वारा पुस्तक पढ़ने की संस्कृती कार्यक्रम के माध्यम से पुस्तक समीक्षा कार्य राष्ट्रीय स्तर पर करवाया जा रहा है जिसके तहत हिमाचल प्रदेश शैक्षिक आगाज द्वारा भी पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम आरंभ हुआ जिसका शुभारंभ स्मृति चौधरी शैक्षिक आगाज संस्थापक द्वारा किया गया . सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच सञ्चालन पायल तोमर द्वारा बहुत ही प्रभावशाली तरीके से किया गया! कार्यक्रम के मुख्य आतिथि अनूप राजपूत प्रोफेसर एंड हेड पबलिकेशन डिविजन एनसीईआरटी नई दिल्ली व् रीता शर्मा प्रिंसिपल एससीईआरटी हिमाचल प्रदेश थे!

शैक्षिक आगाज हिमाचल प्रदेश की समन्वयक सुनीता कुमारी ने जानकारी दी की हिमाचल प्रदेश में पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम पहली बार आरंभ किया गया है जो की शिक्षकों और विद्यार्थियों के हित के लिय अति आवश्यक है .यह शिक्षकों में पुस्तक पढ़ने की रूचि उत्पन्न हो जाएगी तो बच्चे भी निश्चित रूप से इस ओर अपनी रूचि दर्शाएंगे . पुस्तक समीक्षा हिमाचल के विभिन राज्यों से उपस्थित समीक्षकों द्वारा की गई जिसमे पवन बाला हमीरपुर, सोनूकुमारी जिला ऊना, हर्ष लता जिला बिलासपुर, पायल तोमर जिला सिरमौर, निशा मिश्रा जिला मंडी,अंजना शर्मा जिला बिलासपुर थे!

हिमाचल प्रदेश में इस तरह की यह पहली कार्यशाला थी. पुस्तक पढ़ने की संस्कृति के तहत पुस्तक पढ़कर उसकी समीक्षा करवाई गई .अनूप राजपूत ने पुस्तक पढ़ने की प्रेरणा देते हुए अपने विचार रखें . रीता शमाय ने भी इसे शैक्षिक अगाज द्वारा आरंभ किया हुआ एक अच्छा कार्य बताया और सभी शिक्षकों को इस से जुड़ने का संदेश दिया . पुस्तक पढ़ने की संस्कृति जहां एक और गुम हो रही है इस तरह की कार्यशाला करवा कर उसे दोबारा से आरंभ करने का एक अच्छा प्रयास है . सभी समीक्षकों की समीक्षा खत्म होने पर डीपटी डायरेक्टर उत्तराखंड आकाश सारस्वत ने सभी समीक्षकों की . समीक्षा खत्म होने के लिय अपनी टिप्णी दी और हिमाचल प्रदेश टीम द्वारा किये गए इस सफल आयोजन की प्रशंसा . उसके उपरांत हिमाचल प्रदेश शैक्षिक आगाज़ की समन्वयक सुनीता कुमारी ने इस सफल कार्यक्रम हेतु सभी का धन्यवाद किया और कार्यक्रम के अंत में शैक्षिक आगाज संस्थापक समृति चौधरी ने सभी को पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया