मांगों को वीकेयू हिमाचल कर सकती है मुख्यमंत्री का घेराव, किसानों के हित मे उठाई मांगे

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सिरमौर न्यूज़ / शिलाई

भारतीय किसान यूनियन की हिमाचल प्रदेश इकाई शिलाई में मुख्यमंत्री का घेराव और विरोध की योजना बना रही है। विरोध और घेराव का कारण भाजपा की किसान विरोधी नीतियों और पावटा साहिब भाजपा के नेताओं द्वारा एपीएमसी मंडी में लगने वाले शैलर का विरोध में एपीएमसी की ईट से ईट बजा देने वाला ब्यान बताया जा रहा है।

 यहां जारी प्रेस बयान में बीकेयू हिमाचल ने स्पष्ट किया है कि किसानों को मिल रही सुविधाओं के विरोध में भाजपा नेताओं के बयान बाजी से किसानों में भारी रोष है। शिलाई सहित पहाड़ी क्षेत्र की प्रमुख फसलों जैसे अदरक लहसुन टमाटर और अन्य नगदी फसलों की खेती को बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। इन फसलों के एमएसपी भी घोषित नहीं किए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 भूस्खलन के कारण से बंद हुआ था, उस दौरान किसानों को वैकल्पिक मार्गों से अधिक किराया देकर फसलें मंडियों तक पहुंचा नहीं पड़ी थी। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों को अलग से फ्रेट सब्सिडी देने की मांग उठाई थी। प्रदेश सरकार ने शिलाई को सब्सिडी देने की बजाय लाहौल स्पीति क्षेत्र में सब्सिडी योजना लागू कर दी। जिसका कारण मंडी में उपचुनाव है। 

कुल मिलाकर जयराम सरकार की नीतियां भी किसान विरोधी ही हैं। वीके यूके प्रदेश यूनिट का कहना है कि इन्हीं कारणों के चलते शिलाई दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री का भारतीय किसान यूनियन घेराव और विरोध कर सकती है।
भारतीय किसान यूनियन ने सपष्ट किया है कि अगर मुख्यमंत्री को इस विरोध तथा किसानों के रोश से बचना हो तो उन्हें इस दौरे के दौरान जिला सिरमौर में किसान हितों के लिए कुछ घोषणाएं करनी होंगी। बीकेयू ने मांग उठाई है कि शिलाई के टिंबी में सब्जी मंडी की घोषणा की जाए तथा उसके लिए बजट जारी किया जाए। पांवटा साहब के हरिपुर टोहाना में खाली पड़ी जमीन का अधिग्रहण करके उसमें गेहूं तथा धान खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं। जिला सिरमौर की मुख्य फसलों टमाटर लहसुन अदरक के लिए समर्थन मूल्य की घोषणा की जाए।

अनिन्दर सिंह नॉटी प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
चरणजीत सिंह जैलदार प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन राजू राम शास्त्री जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन जसविंदर सिंह, गुरजीत सिंह नम्बरदार, गुरनाम सिंह बंगा, इंदर राणा सिंहपाल,
हरीश चौधरी, इंद्रजीत सिंह अज्जू, महबूब अली, परमजीत सिंह बंगा, जितेंद्र सिंह राजा आदि ने कहा कि सरकार किसान हित में काम करें और किसान हितों की योजनाओं की घोषणा करें अन्यथा आने वाले चुनाव में नतीजे भुगतने को तैयार रहे।