कुछ पुलिसकर्मियों की करतूत अधिकारीयों की मेहनत पर फेर रही पानी

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सिरमौर न्यूज़ – पांवटा साहिब

हिमाचल पुलिस का बहुत ही आदर्श वाक्य निर्भय, सत्यनिष्ठ, निष्पक्ष है। जिसमे केाई दो राय नही है।यकीनक हिमाचल प्रदेश पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से कहीं ज्यादा बेहतर पुलिस है। जो कि बेमिसाल है। हिमाचल पुलिस के आला अधिकारी सदैव पुलिसिंग को बेहतर से बेहतरीन बनाने में कोई कोर कसर नही छोडते। हिमाचल प्रदेश के पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक हो किसी भी जिले के कप्तान सिरमौर के पुलिस अधीक्षक या फिर डीएसपी पांवटा सभी अधिकारी जनता और पुलिस के बीच एक सोहार्दपूर्ण माहोल बनाने की पुरजोर कोशिश करते नजर आते है। और न्यायप्रिय बात करते है।
लेकिन पांवटा पुलिस स्टेशन में कुछेक जुगाड भिडाकर आए पुलिस कर्मी आला अफसरो की सारी करी कराई पर सेकिण्डो में पानी फेर जाते है।
एक ऐसा ही मामला पुलिस स्टेशन पांवटा साहिब में बीते रोज सामने आया। जब एक दुष्कर्म पीढिता के माता पिता थाने पहूंचे तो पुलिस कर्मियो की फुकरापन्ती सामने आ गयी । महिला का ना तो मेडीकल करवाया गया और ना ही रपट दर्ज की गयी। जब मामला पुलिस कप्तान तक पहूंचा तो निचले स्तर के कर्मियो में हडकम्प मच गया और हैरत की बात यह भी है कि जब मीडिया कर्मी थाने के शाट्स उठा रहे थे तो एक बदमिजाज पुलिस कर्मी मीडिया कर्मियो को हडकाने लग गया । इतना ही नही एक वरिष्ठ पत्रकार को अपने कनिष्ठ पत्रकार के साथ ना रहने की नसीहत भी देने लगा। इस घटना की पूरी की पूरी जानकारी सिरमौर जिला के पुलिस कप्तान को मौका से ही दे दी गयी।
दूसरी ओर कुछेक ऐसे पुलिस कर्मी भी राजनैतिक रसूखो का फायदा उठाकर पांवटा थाने में तैनात है तो महिलाओ की अंगुलियो पर ही कत्थक करते नजर आते है। कप्तान को तुरन्त ही संज्ञान लेते हुए ऐसे कर्मियो पर पैनी नजर रखनी होगी ताकि निकट भविष्य में अनुशासित होकर रहे और प्रदेश के मुख्यिा द्धारा चलाई जा रही योजनाओ को, उनकी सीख को अमलीजामा पहनाऐ और पुलिस की चादर को और भी दागदार होने से बचाया जा सके।
बात करे थाना प्रभारी की तो वे अपने कुशल व्यवहार से जनता का दिल भी जीते हुए है। और सत्य निष्ठा, तत्परता, व्यवहार कुशलता, डिप्लोमेसी मैन्युप्लेशन, सक्रियता, बुद्धिमता व दूरदृष्टा आदि आदि का संगम है। किन्तु कुछेेक समय से उनकी पकड अपने अधीनस्थ कर्मचारियो पर ढीली पडती देखी जा रही है और उनकी गैर मौजूदगी में निचले स्तर के कर्मचारी कोई ना कोई करतूत ऐसी कर जाते है जिससे पुलिस महकमे की साख पर बट्टा लग जाता है। बाजार में मारपीट के दो मामले सामने आए किन्तु लीपापोती हुई, अभद्रता, बदसलूकी, बदमिजाजी के साथ साथ कई अन्य शिकायते भी यदाकदा सामने आती रही है। सरेबाजार नारेवाजी का भी सामना कर चुके है।