कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच बढ़ी वर्चस्व की जंग

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सिरमौर न्यूज़/शिमला

केंद्र में नेतृत्व परिवर्तन सुगबुगाहट के बीच हिमाचल में कांग्रेस नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। पार्टी के भीतर लंच डिप्लोमेसी जोरों पर है। ठाकुर कौल सिंह से शुरू हुई डिप्लोमेसी कांगड़ा के नेताओं की एकजुटता और उसके बाद अब चंबा में आशा कुमारी का लंच सुर्खियों में बन गया है। ठाकुर कौल सिंह से लेकर सुखविंदर सिंह सुक्खू, जीएस बाली, हर्ष महाजन और आशा कुमारी सभी अपने तिकड़म लड़ा रहे हैं। दूसरी तरफ वीरभद्र सिंह गुट फिलहाल तमाशबीन बना हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस में हालांकि सभी कद्दावर नेता अपने अपने हिसाब से एकजुटता का संदेश आलाकमान को देने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन वर्चस्व की जंग में नेताओं की आपसी फूट सतह पर उभर रही है। सबसे बड़े जिले कांगड़ा से कांग्रेस के बड़े नेता जीएस बाली मुख्यमंत्री बनने की मंशा रखने में कामयाब हुए हैं जिसके चलते कांग्रेस के बीच में एकजुटता के संदेश के बीच में अब मुख्यमंत्री पद की लड़ाई भी शुरू होती नजर आ रही है। दूसरी तरफ कांगड़ा से ही कल एक बैठक राजपूत नेताओं की होती है और वहां पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर एक तरह से मोहर ही लगा दी जाती है।

इस बीच कांग्रेस के भीतर की राजनीति राजपूत और ब्राह्मणों के पैरोकारों के रूप में उभर रही है। ठाकुर कौल सिंह और सुखविंदर सिंह सुक्खू राजपूत नेताओं के रूप में सामने आए हैं तो ब्राह्मण की बात रखने के लिए यहां जीएस बाली ने अपना नाम खुद ही आगे किया हुआ है। इन सबके बीच आशा कुमारी की लंच डिप्लोमेसी भी अब शुरू हो चुकी है और उन्होंने भी चंबा में एक लंच कांग्रेस के नेताओं का करवा कर अपनी मजबूती का संदेश हाईकमान तक पहुंचाने का प्रयास कर दिया है

कांग्रेस के भीतर खुद को बड़ा दिखाने की होड़ में अब देखना यह है कि आने वाले समय में कौन खुद को इस दौड़ में आगे रख पाता है।