सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे विधायक सुखराम ,होनी चाहिए एफआईआर दर्ज- किरनेश जंग

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सिरमौर न्यूज़ – पांवटा साहिब

पांवटा साहिब के पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग व् बीसीसी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने विधायक सुखराम चौधरी सहित भाजपा नेताओं व् अधिकारीयों के खलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दरसल विधानसभा क्षेत्र पांवटा साहिब के शमियाला में आयोजित एक जनसभा में विधायक सुखराम चौधरी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे जहाँ पर भाजपा नेताओं सहित सरकारी अधिकारीयों ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के आदेशों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई।
पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग व् बीसीसी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आरोप लगाते हुए कहा की पांवटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखराम चौधरी राजनीती की भूख में आम लोगो को कोरोना महामारी के मुँह में धकेलने से भी गुरेज नहीं कर रहे है। राजनैतिक कार्यक्रमों व् उद्धघाटन समारोह आदि में सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इतना ही नहीं आयोजन के लिए प्रशासन से न तो परमिशन ली गयी और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया ना ही लोगों को मास्क पहनने के लिए कहा। सुखराम चौधरी क्षेत्र की भोलीभाली जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है ,एक जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

भाजपा नेताओं की लापरवाही देख कर स्पष्ट नज़र आ रहा है की देश और प्रदेश में मुंह पसारती कोरोना महामारी और सरकार के आदेशों को लेकर पांवटा साहिब के विधायक और भाजपा नेता बिलकुल भी गंभीर नहीं हैं।
विधायक और बीजेपी नेताओं द्वारा ऐसे कार्यक्रमों में भरपूर भीड़ जुटाई जा रही है ताकि आगामी पंचायतीराज चुनाव के लिए जनता को अपने मोहजाल में फंसाया जा सके। सुखराम चौधरी कम से कम कोरोना काल में तो जनता की जान की परवाह करें हालाँकि अभी तक लोगो के इलाज़ के लिए सिविल अस्पताल में उन तमाम व्यवस्थायों को भी सुचारु नहीं कर पाए है जो पूर्व सरकार के कार्यकाल में पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग द्वारा जुटाई गयी थी। सुखराम चौधरी को चाहिए की वो कम से कम उन कार्यों को आगे बढ़ाये जो कार्य पूर्व सरकार ने पांवटा की जनता के लिए शुरू किये थे और जनता को कोरोना महामारी के मुँह में न धकेले। जयराम सरकार सौतेला वर्ताव कर रही है एक तरफ जहाँ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह राठौर जी एवं दूसरे नेता जो हिमाचल की जनता के हित में धरना शिमला में दे रहे थे उनके खिलाफ भाजपा सरकार ने एफआईआर दर्ज कर दी। वहीँ दूसरी तरफ भाजपा नेता बिना अनुमति के कोई भी कार्यक्रम करने के लिए आजाद छोड़े गए है। क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी अब विधायक सुखराम चौधरी एवं उनके समर्थकों और वहां मौजूद सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे ? हमारी सरकार से मांग है या तो श्री कुलदीप राठौर जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए या फिर पांवटा साहिब के भाजपा विधायक , सरकारी अधिकारी व भाजपा नेताओं के खिलाफ जिन्होंने यह रैली की है उनके खिलाफ भी एफ आई आर दर्ज हो मुकदमे मुकदमे दर्ज हो।

लोगो को गुमराह करना और जान जोखिम में डालना सुखराम का काम !

किरनेश जंग चौधरी ने कहा की पांवटा विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक सुखराम चौधरी गिरिपार क्षेत्र की जनता को गुमराह करने मैदान में कूद पड़े है। मुंह पसारती कोरोना महामारी के बीच भी सुखराम चौधरी आम जनता को विकास के नाम कर गुमराह करते नज़र आ रहे है। ओछी राजनीती और द्वेष की भावना रखने वाले सुखराम चौधरी सत्ता में आते ही विकास के कार्य करवाने में असफल साबित हुए है जिसकी भड़ास पूर्व सरकार और पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग पर निकाल रहे है। हाल ही में गिरिपार क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सुखराम चौधरी ने यह आरोप लगाया है की पूर्व विधायक किरनेश जंग चौधरी के कार्यकाल में कोई भी काम नहीं हुआ है न ही कोई डीपीआर बनी और सेंक्शन हुई। लेकिन सुखराम चौधरी यह भूल गए है की जो कार्य बीते 5 वर्षो में राजा वीरभद्र सिंह जी की सरकार के कार्यकाल में पूर्व विधायक किरनेश जंग चौधरी ने करवाए है वो आज भी जनता की आँखों के सामने है , हिमाचल उत्तराखंड को जोड़ने वाले पुल की डीपीआर, बातापुल का निर्माण कार्य ,ढाई सो करोड़ से बनने वाली टर्मिनल मंडी की आधारशिला और शुरूआती निर्माण कार्य , यमुना के तटीकरण के लिए करीब ढाई सो करोड़ की योजना के लिए काम करना ,विधायुत आपूर्ति के लिए सब स्टेशन , आईपीएच की कई सकीमे ,यमुना पाथ , खेल मैदान का सोंदर्यकरण ,शहर के सभी चोराहो पर हाईमास्क लाइट, स्कूलों को अपग्रेड करना, सड़कों का निर्माण व् रिपेयर ,सिविल अस्पताल में हाईटेक लेब से लेकर लिफ्ट और जनरेटर उपलब्ध करवाना आदि अनेको ऐसे कार्य है जिसे जनता नहीं भुला सकती। इसके इलावा भी कई दर्जन कार्य ऐसे है जो शहर की जनता को भी हमेश याद रहेंगे लेकिन सुखराम चौधरी अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इन तमाम कार्यों को या तो नज़र अंदाज़ करते आये है या फिर इसपर भी श्रेय लेने की नियत रखते है।