राजगढ़ शहर पर लगा कूड़े का ग्रहण ,स्वच्छ भारत मिशन की भी उड़ी धज्जियाँ

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पवन तोमर – राजगढ़

एशिया में पीच वैली के नाम से प्रसिद्ध राजगढ़ क़स्बा एक बार फिर से चर्चाओं में है , इस बार चर्चा का विषय यहां के मशहूर आड़ू नहीं बल्कि कूड़ा है। नगर पंचायत राजगढ़ स्वच्छ भारत मिशन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रही है। शहर के प्रवेश द्वार सहित जगह जगह पर लगे कुड़े के ढेर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे है लेकिन यहाँ सुध लेने वाला कोई नहीं है। मानो स्थानीय लोगो से लेकर अधिकारी तक शहर को कूड़ादान साबित करने में लगे हो। शहर की सफाई को लेकर नगर पंचायत द्वारा कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। गन्दगी की समस्या की शुरुआत नगर पंचायत कार्यालय के सामने से ही होती है , यहाँ रखे कूड़ेदान की समय पर सफाई न होने के चलते लावारिस पशु यहाँ इकठ्ठा होकर कूड़ेदान में मुहं मार कर सारा कूड़ा सड़क पर फैला देते हैं । मुख्य बाजार से लेकर नगर के अधिकतर स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए है। कुछ लोग भी डस्टबिन के बाहर ही कूड़ा गिराकर चले जाते है। नगर पंचायत राजगढ़ में दो दशकों से स्थाई रूप से सचिव् कार्यरत नहीं रहा है जिस कारण सचिव का कार्यभार वर्षो से कई बार प्रशासन के पास रहता है। प्रशासनिक अधिकारी अपने कार्यो में व्यस्त रहने के कारण शहर की सफाई पर ध्यान नहीं दे पाते।

यात्रियों की आँखों में कैद हो जाती है गन्दगी की तस्वीर

जिला सिरमौर में राजगढ़ क़स्बा लगातार विकास की और अग्रसर हो रहा है , बडू साहिब , शिरगुल महाराज मंदिर शाया , धार्मिक स्थल हरिपुरधार सहित कई पर्यटन स्थल देखने पडोसी राज्यों से पर्यटक यहाँ पहुँचते है जिनका स्वागत कूड़े के ढेर और गन्दगी से होगा है। यहाँ पहुँचने वाले यात्रियों व् पर्यटकों की आँखों में शहर की गन्दगी की तस्वीर कैद हो जाती है जिसका दुष्प्रचार होना स्वाभाविक सी बात है। गौरतलब है की किसी भी शहर की छवि का आंकलन उसकी स्वच्छता से होता है चूँकि यदि शहर में सफाई व्यवस्था अच्छी है तो बाहर से आने वाले लोग संबधित शहरी निकाय की कार्यशैली की तारिफ करते हैं और उसका उदाहरण अन्य शहरों को देते हैं ।

गन्दगी का आलम देख कर निराश व् हताश हो रहे पर्यटक व् स्थानीय लोग

पंजाब से राजगढ़ पहुंचे पर्यटक जगवीर सिंह ने भी शहर की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल देख कर कहा की वे बड़ूसाहिब को ओर जा रहे थे लेकिन यहाँ की गंदगी और पार्किग की अव्यवस्था देख कर खासे निराश है। नौहराधार क्षेत्र से राजगढ़ पहुंचे बलबीर ठाकुर ने भी गन्दगी को लेकर कहा की राजगढ़ शहर में प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है बाहर से आने वाले लोगों के लिए गाड़ियों खड़ा करने की कोई व्यवस्था नहीं है और शहर में गंदगी का आलम है ।
शहर के बुद्धिजीवी रमेश कुमार का कहना है कि राजगढ़ शहर सिरमौर के पुराने शहरों में से एक है और यह शहर जिस प्रकार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है उसके सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाना होगा चूंकि इस शहर का काफी हिस्सा ग्रामीण परिवेश में आता है शहर के समग्र विकास के लिए कार्य योजना बनानी चाहिए ताकि लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाऐं मिल सके ।

“शहर में सफाई व्यवस्था को सुचारु किया जायेगा , कूड़े के ढेर खैरी चोक के साथ लगती सड़क पर है और यह क्षेत्र नगर पंचायत और ग्राम पंचायत कोठिया जाजर की सीमा पर लगता है । कूड़ा यहां के दुकानदारों ने डाला है और शीघ्र ही दुकानदारों के साथ इस बारे बैठक की जाएगी ताकि कूड़ा कचरा खुले में न डाले । शहर में घर-घर से कूड़ा कचरा एकत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है । शहर में पार्किंग निर्माण के लिए डेढ करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और शीघ्र ही पार्किग का निर्माणा करवाया जाएगा ” – सतीश कुमार, अध्यक्ष नगर पंचायत राजगढ़