दयनीय:- पांच किलोमीटर की दूरी तय कर, देते हैं मौत को मात

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सिरमौर न्यूज़

जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के तहत गांव खुइनल के ग्रामीण गांव से पगडंडी वाले रास्ते से मरीज को पांच किलोमीटर तक उठा के सड़क तक लाते हैं। ये जोखिम भरा सफर पीड़ित के जिंदगी और मौत के बीच का सफर होता है। यहां आकर 108 या अन्य गाड़ी की सुविधा मिल पाती हैं, जिसके बाद मरीज की जान को बचाया जा सकता है।

जानकारी अनुसार गांव खुइनल के ग्रामीण आज भी इस कद्र मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं कि 5 किलोमीटर का सफर तय न हुआ तो जिंदगी की जंग आधे रास्ते में ही हार जाते हैं। ग्रामीण इंदर सिंह, अनिल चौहान, सूरज, अनुज, रामभज, रामलाल, राजपाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, प्रशांत शर्मा, निशांत शर्मा, संजय शर्मा का कहना है कि आजादी के दशकों वर्षों बाद भी गिरिपार में एक यह गांव खुइनल ऐसा है जो सड़क सुबिधा से नही जुड़ सका हैं। जिस कारण लोगों को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहा ग्रामीण सारा सामान कंधो पर उठा के लाते व ले जाते हैं वहीं जब कोई ग्रामीण बीमार हो जाये तो उससे डंडी से कपड़ा बांध कर लगभग 5 किलोमीटर का सफर तय कर सड़क तक पहुंचते हैं। इस बीच लगने वाले समय में यदि मरीज बच गया तो गाड़ी से हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है नही तो आधे रास्ते में ही मरीज दम तोड़ कर जिंदगी की जंग हार जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगभग दो दर्जन से अधिक घर है लेकिन मूलभूत सुविधाएं न होने से लोग यहां से पलायन को मजबूर हैं।
लोगों का कहना है कि यहां के दोनों दलों कांग्रेस व भाजपा के विधायक से कई मर्तबा इस बारे में कह चुके हैं। यही नहीं, जब सीएम जयराम ठाकुर सिरमौर के शिलाई दौरे मे आये थे तब भी उनको ज्ञापन दिया गया था। लेकिन फिर भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि आज भी स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को पैदल सफर करके अपने घर पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि एक और केंद्र की मोदी सरकार देश आगे बढ़ रहा है के बड़े-बड़े दावे भाषणों में कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गिरिपार मे आज भी कई गांव ऐसे हैं जो सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाओं से महरूम है।