उपायुक्त सिरमौर के सख्त आदेशों के बाद भी नहीं जागे अधिकारी

रोहनात शिलाई हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ – शिलाई

शिलाई उपमण्डल की रोनहाट उपतहसील में अधिकारीयों पर उपायुक्त सिरमौर के सख्त आदेशों का भी असर होता नज़र नहीं आ रहा है। अधिकारीयों द्वारा उपायुक्त सिरमौर के आदेशों को ठेंगा दिखाया गया है। यहाँ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोनहाट तक सैकड़ों विद्यार्थियों के आवागमन के इकलौते मार्ग पर पुलिया बनाने के आदेश दिए गए थे। बरसात में स्कूल मार्ग के बीच में आने वाला ये नाला पार करना विद्यार्थियों का सबसे बड़ा डर रहता है। सोशल मीडिया और समाचार के माध्यम से जब मामला उपायुक्त सिरमौर के ध्यान में पहुँचा तो मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विकास खंड अधिकारी शिलाई को स्कूल मार्ग को सुरक्षित बनाने की दिशा में शीघ्र कार्य करने के आदेश जारी किये। हालांकि उपायुक्त के आदेशों के बाद विकास खंड अधिकारी शिलाई ने अपनी पूरी टीम के साथ मौके का मुआयना किया और विद्यालय मार्ग पर पुलिया बनाने और रास्ते को पक्का करने की बात कहीं। उपायुक्त सिरमौर द्वारा जारी आदेशों को आज आठ माह पुरे होने को है मगर अभी तक न तो सेकड़ो नन्हे नोनिहालों के लिए पक्का रास्ता बन पाया है और ना ही पागल नाले पर पुलिया बनाने की प्रकिर्या शुरू हो पाई है। ऐसे में जहाँ एक और रोजाना स्कूल आने जाने वाले सेकड़ो विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है तो वहीँ ये बात भी साफ़ हो जाती है कि उपायुक्त सिरमौर के सख्त आदेशों को लेकर अधिकारी कितने गंभीर रहते है।

आसमान से बारिश की बूंदे बरसते ही रोनहाट स्कूल के रास्ते में आने वाला ये पागल नाला अपना रौद्र रूप धारण कर लेता है। विद्यालय में पढ़ने आने वाले सेकड़ो छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अध्यापको और स्टॉफ के लिए भी नाले का तेज जलप्रवाह बड़ी मुसीबत बन जाता है। उफनते नाले को बच्चों से पार करवाने के लिए अध्यापकों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन आज तक भी अधिकारीयों ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया है जबकि सोशल मीडिया और ख़बरों के माध्यम से इस मामले को कई बार उजागर किया जा चुका है , अधिकारीयों की कानों के नीचे जूं तक नहीं रेंगती। क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहे है ?