सड़क किनारे लगे भवन सामग्री के ढेर, विभाग कर रहा हादसे का इंतज़ार

शिलाई हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ – शिलाई

शिलाई उपमण्डल की उपतहसील रोनहाट में सड़क किनारे पर अवैध रूप से भवन सामग्री के ढेर लगे हुए है ,सड़क किनारे जमा की गई इस सामग्री के कारण न केवल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है बल्कि सड़क दुर्घटना को भी न्योता दे रही है। लेकिन सम्बंधित विभाग और प्रशासन है जो हाथ पर हाथ धरे बैठा है और किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है।
बताते चले की रोनहाट के समीप ही रास्त कैंची में क्षतिग्रस्त सड़क पर जहाँ जोखिम लेकर बसों और अन्य वाहनों की क्रोसिंग होती है वहीं दूसरी और रेत और बजरी के ढेर लगाकर सड़क को और संकरा बनाया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि सब कुछ देख कर भी प्रशासन मूक दर्शक बना बैठा हुआ है। । सड़क की मजबूती के लिए लगाया गया डंगा गिर चुका है और सड़क कभी भी धस सकती है। सड़क क्षतिग्रस्त है इस बात की चेतावनी के लिए किनारे पर पत्थरो का ढेर लगाकर चेतावनी संकेत दिया गया है। मगर ठीक सड़क के दूसरे छोर पर बजरी और रेत की ढेर लगाई गई है। जिससे राहगीरों ओर वाहनों को भारी परेशानी हो रही है जरा सी चुक से बड़ा सड़क हादसा ह्यो सकता है क्योंकि इस सड़क के नीचे भंगाल खड्ड की गहरी खाई है। जोखिम भरी सड़क की ये दशा सभी के सामने है और क्षतिग्रस्त सड़क से महज 200 मीटर की दुरी पर ही लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता का दफ्तर स्थित है। सड़क किनारे अवैध रूप से लगाई गई रेत और बजरी की ढेर पर भी प्रशासन की नजर नहीं जाती है।
रोनहाट-शिलाई मार्ग पर रास्त कैंची पर क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर वाहन चालक अरविन्द, राजेंद्र सिंह, बाबू राम, खजान सिंह, रमेश चंद, जालम सिंह, सूर्या, तोता राम, वीरेंद्र आदि ने बताया कि टूटी हुई सड़क पर रेत और बजरी के ढेर से सड़क काफी संकरी और जोखिम भरी हो गई है। वाहनों की क्रोसिंग में काफी दिक्कत पेश आती है। खासकर बसों और अन्य बड़े वाहनों को जोखिम लेकर निकलना पड़ता है। इसके अलावा भी बाज़ार की विभिन्न जगह में भी सड़क किनारे निर्माण सामग्री की बड़ी-बड़ी ढेर लगी हुई है जिसकी वजह से वाहनों को निकलने में दिक्कतें पेश आती है। उन्होंने सम्बंधित विभाग और प्रशासन से जल्द डंगा लगाने और सड़क से निर्माण सामग्रियों के ढेर को हटाने की मांग की है।
स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान सतपाल चौहान ने बताया कि क्षेत्र की सड़के पहले ही बेहद तंग और घुमावदार है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में जरा सी लापरवाही भी हादसे का कारण बनती है। किसी के घर का का चिराग जब सड़क दुर्घटना में बुझता है तो बेहद दुःख होता है इसलिए सड़कों किनारे क्रेश बेरियर और पैरापिट लगाना बहुत जरुरी है। ताकि दुर्घनाओं में कमी लाई जा सके।
हालांकि सभी सरकारी महकमो के अधिकारियों का आवागमन भी इसी सड़क मार्ग से होता है मगर आज तक वन विभाग, माइनिंग और पुलिस विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक आलाधिकारियों ने कभी इस पर गौर फरमाने की जहमत नहीं उठाई है।

“रोनहाट में रास्त कैंची के समीप क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग पर जल्द ही ढंगे का निर्माण किया जायेगा और बाज़ार में लोकनिर्माण विभाग की सड़क किनारे लगे निर्माण सामग्रियों की ढेर को हटवाने के आदेश दिए जा चुके है” – प्रमोद उप्रेती ,अधिशाषी अभियंता -लोक निर्माण विभाग