जंगलों पर बरसा अमृत, पर्यावरण प्रेमी भी हुए निहाल

हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ – राजगढ़

भरपूर वर्षा से जहां किसान-बागवान अपनी फसलों की अच्छी पैदावार होने का अनुमान लगा कर खुश हैं वहीं क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी भी, प्रकृति की इस बदलती प्रकृति से बेहद खुश हैं। यह बात कई संस्थाओं एवं वनमंत्री द्वारा सम्मानित पर्यावरणविद् शेरजंग चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि आज तक जब भी वर्षा होती थी बमुश्किल पेड़ों की जड़ों तक पानी पहुंचता था और जंगल जल्दी ही सूखे की चपेट में आ जाते थे परन्तु इस बार कुदरत ने ऐसा पलटा खाया कि वर्षा के साथ साथ बर्फ ने भी निचले क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना कर जंगलों को संजीवनी की किस्त दी है। इसी भरपूर वर्षा का परिणाम है कि देवदार के जंगल की हरियाली, पीलेपन के स्थान पर काले-हरे रंग में बदल गई है। जंगलों में पेड़ भी स्वस्थ लग रहे हैं जिससे सभी जंगल एक नयनाभिराम छटा बिखेर रहे हैं। चौहान ने कहा कि हर वर्ष उन्हें अपने निजि जंगल में नये लगे देवदार के पौधों की सिंचाई करनी पड़ती थी परन्तु वर्तमान में एक बार भी सिंचाई की नौबत नहीं आई है। उनके पास जहां स्वयं का उगाया अपना 35 वर्ष पुराना जंगल हो गया है वहीं दूसरे सैंकड़ों देवदार के पेड़ भी 10-15 वर्ष के हो गए हैं। इन्हीं देवदार के जंगल की बदौलत, सूखे से ग्रस्त रहने वाले उनके खेत एवं गर्मी पैदा करने वाला उनका क्षेत्र आज वातानुकूलित वातावरण अपनाए हुए हैं। शेरजंग चौहान ने देवदार की पौधशाला भी तैयार कर रखी है जिसमें टॉल-प्लांट्स के लिए और सामान्य प्लांटेशन के लिए हर समय पौध तैयार रहती है जिसे वे समय समय पर अपने खाली जगहों पर रोपते रहते हैं।

ज्ञात रहे उनकी प्रेरणा से राजगढ़ क्षेत्र में इस समय किसानों-बागवानों एवं अन्य लोगों ने दर्जनों मिनी जंगल खडे़ कर दिए हैं जबकि सैंकड़ों की संख्या में देवदार के नए पेड़ देखने को मिलते हैं। उन्होंने किसानों बागवानों से अनुरोध किया है कि वे हर वर्ष अपनी खाली जमीन पर भले ही एक दो पौधा लगाएं मगर लगाएं जरूर।