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सुप्रिया शर्मा के मजबूत ईरादे ने किया अधिकारी बनने का सपना पूरा

हिमाचल

पवन तोमर – राजगढ़

तालीमें नही दी जाती परिंदों को वो खुद ही तय करते है ऊंचाई आसमानों की , जो रखते है होंसला आसमान छुने का वो परवाह नही करते जमीन पे गिर जाने की। सपने बड़े हो और होंसले बुलंद हो तो कोई भी अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कुछ ऐसा ही सन्देश सुप्रिया शर्मा ने भी दिया है जिसने कड़ी मेहनत और लगन के साथ पहली उड़ान भरी है।
उपमंडल राजगढ़ की ग्राम पंचायत देवठी मंझगांव के देवठी गांव की सुप्रिया शर्मा का चयन दवा निरिक्षक के पद पर हुआ है सुप्रिया शर्मा ने कडी मेहनत व अपने मजबूत ईरादे के दम पर जहां एक और अधिकारी बनने का सपना पूरा किया वही दूसरी और अपने माता पिता गुरुजनो व क्षैत्र का नाम रौशन किया है। सुप्रिया का मानना है कि अगर कुछ करने का ईरादा पक्का हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बताते चलें की सुप्रिया का जन्म 10 फरवरी 1992 को देवठी गांव मे एक सामान्य परिवार मे हुआ। इसके पिता राकेश शर्मा अध्यापक तथा माता कांता शर्मा गृहणि है। सुप्रिया शर्मा की प्राथमिक शिक्षा बी.एल. सैट्रल स्कूल सोलन ,उच्च शिक्षा शंकर विद्या निकेतन स्कूल राजगढ व सकैडरी शिक्षा भी बी.एल. सैट्रल स्कूल सोलन से पूर्ण हुई जिसके बाद सुप्रिया शर्मा ने बी फार्मेसी हिमाचल प्रदेश तकनीकि विश्व विद्यालय से की। सुप्रिया के दादा सेवा राम शर्मा क्षैत्र के प्रसिद्व साहित्यकार व जाने माने कलाकार के साथ साथ पैशे मे अध्यापक थे। सुप्रिया शर्मा ने अपनी इस सफलता का श्रैय माता पिता ,गुरूजनो ,व HAS अधिकारी केवल शर्मा को दिया।