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सत्संग में आने से हमारा विश्वास गुरु के प्रति मजबूत होता है– दिलेर सिंह सैनी

हिमाचल

सिरमौर न्यूज़/राजगढ़

राजगढ़ में रविवार को विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। इस संगत की अध्यक्षता जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन से आए महात्मा दिलेर सिंह सैनी ने की । इस अवसर पर दिलेर सिंह सैनी ने सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के प्रवचनों को बताते हुए कहा कि, आज सबसे पहले हम अपने भीतर पल रहे अहंकार को खत्म करना पड़ेगा। उसके बाद भक्ति शरू हो सकती है। उन्होंने कहा की हम अपना स्वच्छ जीवन कैसे जी सकते है इसकी जानकारी हमे केवल संगत में जाकर मिल सकती है। इस दौरान सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज विभिन स्थानों पर सत्संग में जाकर भक्ति करने की असली रूप की पहचान करवा रही है। उन्होंने कहाँ की असली भक्ति तभी शुरू हो सकती है जब हमे परमात्मा की जानकारी हो जाये , जब तक हमें यह मालूम ही नहीं कि परमात्मा है कि नही है कहाँ पर है तो भक्ति कैसे संभव हो सकती है। जब तक हमें सही मायने में परमात्मा की जानकारी ना हो तो भक्ति सम्भव हो ही नहीं सकती। आज सुदीक्षा माताजी इस निराकार परमात्मा के असली रूप की पहचान करवा कर भक्ति करवा रहे हैं। महत्मा देलर सिंह ने कहा कि भक्ति लोके अजी ना समझे रब नु पाना भक्ति है, छड़ के सारे वहम भूलेखे गुरु रिझाना भक्ति है। उन्होंने कहा कि हमें हर स्वास में इस परमात्मा को याद रखना पड़ता है पल पल इसका शुकराना करना चाहिए ।उन्होंने बताया कि सत्संग करने के उपरांत हमारे मन में विवेक उत्पन होता है।इसलिये हमे निरंतर सत्संग करते रहना चाहिए।जब भी हमारा मन भक्ति से डोलने लग जाय तो सत्संग में आते रहे।सत्संग में आने से हमारा विश्वास गुरु के प्रति मजबूत होता है। इस अवसर पर शिक्षक रंजित सिंह ,नरेश धवन ,कमल चौहन ,नवदीप साहनी ,सुदीप लंबा ,आशु तोमर ,सुशिल भृगु ,सहित अन्य सेकड़ो श्रदालु उपस्थित थे | सत्संग के बाद विशाल लंगर का भी आयोजन किया गया |