कई वर्षों बाद भारी बर्फ़बारी से जगी अच्छी फ़सल होने की उम्मीद, किसानो के चहरे खिले

हिमाचल

सिरमौर न्यूज़/राजगढ़

इस वर्ष हो रही लगातार वर्षा एवं बर्फ के चलते किसानों बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। कई वर्षों के बाद अच्छी वर्षा और बर्फ गिरने से किसानों बागवानों की लंबित परेशानियां काफी हद तक दूर हो गई है। इन परेशानियों में जहां चूहों और दुश्मन कीटों के हमलों में कमी आ गई हैं वहीं जमीन में नमी भी भरपूर हो गई है। किसानों बागवानों के अतिरिक्त आम आदमी के लिए भी यह वर्षा एवं बर्फ कई मायनों में लाभदायक मानी जा रही है। ग्रामीण धारणा के अनुसार भरपूर वर्षा होने के कारण आगामी समय में ओलावृष्टि की संभावना कम हो जाती है। जलस़्त्रोतों में भी पानी की कमी नहीं आएगी।अभी तक हो रही वर्षा एवं बर्फ ने भले ही वातावरएा को थोड़ा सर्द कर दिया हो मगर इससे अधिक इसके लाभ उभर कर सामने आए हैं। सर्दियों में सेब बागवानों के लिए सबसे जरूरी चिलिंग आवर्ज पूरे होने की जरूरत होती है जो कि इस बार लगभग पूरे हो जाने की उम्मीद है। इसके अलावा नमी की आवश्यकता भी पूरी हो गई है। इसी वर्षा एवं बर्फ से खेतों अथवा तौलियों में घर बना कर रहने वाले कीडे़ एवं चूहे भी अत्यधिक ठंड के कारण मर जाते हैं जिससे पौधों अथवा खेती को होने वाला नुकसान भी बच जाता है। हालांकि अब गेहूं जौ की फसलें कम बोने लगे हैं परन्तु फिर भी जिन्होंने लगा रखी है उनकी फसल भी बर्फ पड़ने से, कई गुणा अधिक होने की संभावना हो जाती है। इसका कारण, बर्फ के नीचे गेहूं जौ के पौधे दब जाने से वे कई कौंपलों के रूप में प्रस्फुटित हो जाते हैं।
इस बारे में जिला सिरमौर बागवानी उपनिदेशक राजेंद्र भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश के बागवानों को हो रही वर्षा का लाभ उठाना चाहिए और अधिक से अधिक फलदार पौधे रोपने चाहिए। उन्होंने इसे आगामी सभी फसलों के लिए संजीवनी बताया तथा कहा कि इस बर्फबारी से हो रही सर्दी के चलते सेब बागवानों के रिक्वायर्ड चिलिंग आवर्ज पूरे हो जाएंगे। किसानों बागवानों द्वारा मिलाई गई खादें अथवा गोबर पूरी तरह से जमीन में मिल जायेगा। माईनस से नीचे तापमान जाने से बीमारियों का प्रकोप भी काफी कम हो जाएगा। शत्रु कीटों एवं चूहों पर भी यह सर्दी एवं बर्फ प्रभाव डालेगी और उनका नाश कर देगी।