मनरेगा में मनमानी व् फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोप

हिमाचल

पवन तोमर -राजगढ़
हिमाचल प्रदेश की पंचायतों में बीते दिनों मनरेगा में चल रहे फर्जीवाड़े व् गड़बड़ी की खबरें सामने आ रही है। मनमानी व् फर्जीवाडो के इस मामले में जिला सिरमौर के तहत विकास खंड राजगढ़ की पंचायते भी अछूती नहीं है। ऐसा ही एक मामला राजगढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत नेहरपाब में सामने आया है पंचायत के पिडग निवासी सुरजीत सिंह ने जारी प्रेस नोट के माध्यम से लिखित जानकारी देते हुए बताया की ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट की ग्राम सभा बैठक के दौरान पंचायत में फर्जीवाड़े व् मनमानी की बात सामने आई है। सुरजीत ने आरोप लगाया है की पंचायत में आम व्यक्ति अपनी बात नहीं रख सकता और न ही यहां गरीब तबके के लोगो के विकास कार्य होते है। केवल साधन-सम्पन परिवारों के ही काम पंचायत द्वारा किये जा रहे है। सुरजीत ने सोशल ऑडिट के माध्यम से ग्राम सभा को लेकर आर० टी० आई० के माध्यम से एकत्र की गई सूचना के आधार पर शिकायत दी थी की वार्ड सदस्य सुरजीत सिंह पिडग ने स्वयं,व् अपने पिता जोगिन्दर सिंह और अपने भाई सुरेन्द्र सिंह का भूमि सुधार स्वीकृत करवाया। एक ही संपन्न परिवार को दो लाख 40 हजार राशी दी गई व् पिता के नाम ही जमीन है पिता पुत्र ने एक ही खसरा नम्बर पर भूमि सुधार करवाया है। जोकि प्रदेश सरकार के सरकारी खजाने के धन का सरासर दुरुपयोग है। सुरजीत सिंह ने बताया की पिडग गाँव के सरकारी कर्मचारी की मनरेगा मद के चार मस्टरोल में हाजरी व् मस्टरोल पर फर्जी हस्ताक्षर किये है जोकि सरेआम फर्जीवाड़ा है। ऐसे केसे हो सकता है की जो सरकारी कर्मचारी हो वह दो दो जगह अपनी हाजरी लगवाये साथ ही पिडग गाँव निवासी चमन व् निशा की फर्जी हाजरी व् हस्ताक्षर कर 10 हजार से ज्यादा की राशी दी गई जिसके लिखित व्यान दर्ज हुए है।
ग्राम पंचायत द्वारा दलितों व् गरीब परिवारों को सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ से वंचित रखा जा रहा है पंचायत में उन संपन्न लोगों को कार्य दिए जा रहे है जिनके पास पहले से कृषि योग्य अच्छी भूमि है ऐसे लोगों ने मनरेगा को मात्र कमाई का जरिया बनाया है। सुरजीत सिंह ने बताया की गड़बड़ियां तो इस पंचयात में पहले से ही चल रही है लेकिन जब नेहरपाब पंचायत में सोशल ऑडिट किया गया तो उस दौरान आधा दर्जन फर्जीवाड़े के मामले उजागर हुए है।

प्रधान ने नहीं उठाया फ़ोन ,कार्रवाई से कतरा रहे अधिकारी , कहा इस मामले की नहीं है जानकारी

मुझे इस बारे कोई जानकारी नहीं है ,पंचयत के लोगो ने मुझे लिखित में शिकायत नहीं दी है यदि मेरे पास शिकायत आती है तो पंचयात में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही अमल में लाइ जायगी” – कृष्ण दत , विकास खंड अधिकारी राजगढ़
सिरमौर न्यूज़ ने पंचायत प्रधान व् सचिव से उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव करने की जेहमत नहीं उठाई। मजेदार बात यही भी है की शिकायतकर्ता द्वारा 4 दिसम्बर 2018 को उपरोक्त विषय बारे निदेशक सोशल ओडिट यूनिट हिमाचल प्रदेश को सूचनार्थ पत्र भेजा था निदेशक द्वारा 21 दिसम्बर को विकास खंड आधिकारी के लिय उपरोक्त पंचायत के लिय जाँच उचित कार्यवाही करने हेतु पत्र संख्या एच पी एस ए यु –एच (ऐ )5 -9 \2018 (III)-1171द्वारा मामले पर उचित कार्यवाही करने के लिय निर्देश दिए गये थे लेकिन बीडीओ द्वारा इस मामले में कोई भी उचित कदम नहीं उठाये जा रहे है।
सुरजीत सिंह ने मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है की प्रदेश स्तर की पंचायतो में हो रहे फर्जीवाडे को रोका जाय। साथ ही गरीब व् जरूरतमंद लोगो की तरफ भी ध्यान दिया जाय। जो प्रधान ,सचिव ऐसे फर्जी मामलो में संलिप पाए जय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।