सद्गुरु के कारण ही गुरुमुख जीवन का वास्तविक आनद- उषा कालिया

सांस्कृतिक हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ / राजगढ़

निरंकारी भवन राजगढ़ में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया |राजगढ़ संगत सयोजक भोला नाथ साहनी ने बताया की इस अवसर पर जिला सोलन से प्रचार यात्रा में आइ बहन उषा कालिया ने निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के प्रवचनों को उपस्थित संगत को सुनाते हुए कहा की हमे जीवन परमात्मा ने दिया है और जीने का आनंद भी इसी परमात्मा ने दिया है जीवन लम्बा रहा या छोटा से ज्यादा महत्पूर्ण है की जीवन आनंदमय रहा या सुख –दुःख के द्वंद में बीत गया |उन्होंने कहा की गुरु –पीर पैगम्बर ने तमाम वैर-विरोध के बावजूद मानव के जीवन को सार्थक और सफल बनाने का कार्य किया | बाबा हरदेव सिंह जी अक्सर फरमाते थे की विपरीत भावनाए रखने वाले युगों –युगों से हर वली ,हर गुरु पीर –पैगम्बर के रास्ते में रूकावटे खड़ी करते रहे | आज तक कोई भी ऐसा पैगम्बर नहीं हुआ जिसने बड़ी सहजता से सत्य का पैगाम दे दिया हों और रुकावट न आई हो | उषा कालिया ने कहा की सद्गुरु के कारण ही गुरुमुख जीवन का वास्तविक आनद ले पाता है | जो मनमुख बन गया ,जो बेमुझ हो गया उसका आनंद भी उससे रूठ गया | उषा कालिया ने कहा की साध संगत जी ज्ञान की ये उतम दात हमे मिली है ,इसी के कारन हमारी आत्मा का कल्याण हुआ है | लोक की यात्रा तय करते हुए भी यही ज्ञान की रौशनी हमारे लिए मददगार साबित हो रही है | जिस जिस भक्त ने निरंकार सद्गुरु पर सम्पूर्ण विश्वास करते हुए अपना जीवन इस अविनाशी को समर्पित कर दिया है वही संत भक्त भक्ति का आनद प्राप्त करते आय है | उषा कालिया ने अंत में कहा की संसार में भोतिक सुख के साधन तो प्राप्त किया जा सकता है किन्तु आनद केवल सद्गुरु के चरणों की छांव में ही प्राप्त किया जा सकता है | इस अवसर पर गनपत राम ,रंजित सिंह ,गोपी चंद ,नरेश धवन ,अनिल ककड ,आशु ,हरिओम खेडा ,अनु ,सुदीप सहित अन्य सेकड़ो श्रदालु उपस्थित थे।