महिलाओं ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

जनवादी महिला समिति ने राष्ट्रीय राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मे चयनित पांवटा विकासखंड के सभी विभागों नाबार्ड द्वारा बनाए गए स्वयं सहायता समूह को एनआरएलएम की गाइडलाइन के मुताबिक 4% ब्याज पर ऋण उपलब्ध न कराए जाने से रोशित होकर पावटा साहिब में रोष रैली निकाली। मांगे न मानने की सूरत में महिलाओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्वयं सहायता समूह को एनआरएलएम की गाइडलाइन के मुताबिक 4% ब्याज पर ऋण उपलब्ध न कराए जाने से महिला समूह नाराज है। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए जनवादी महिला समिति के बेनर तले महिलाओं ने पांवटा साहिब में रोष प्रदर्शन कर एसडीएम के मार्फत प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बारे ज्ञापन भेजा। रैली से पूर्व बैठक में महिला समिति के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूह का गठन भी किया गया। जिसमें बीना ठाकुर को प्रधान, मीनू ठाकुर को महासचिव, धनवंती, शिल्पा और संतोष को उपप्रधान, शीला को कोषाध्यक्ष तथा कृष्णा राय, शर्मिला और रेनू बाला को संयुक्त सचिव चुना गया। संतोष कपूर को सलाहकार बनाया गया। जमीला, द्वारका और शबाना को सदस्य के रूप में चुना गया। इसके साथ ही यह मांग की गई कि आगामी 10 फरवरी तक यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो आगामी 15 फरवरी को पांवटा साहिब में धरना प्रदर्शन और रैली आयोजित कर इसका विरोध जताया जाएगा।
रैली की अगुवाई करते हुए जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष संतोष कपूर ने कहा कि पांवटा साहिब में नाबार्ड के तहत बनाए गए सभी स्वयं सहायता समूहों को ब्याज दर 4% की बजाए 12% पर दिया जा रहा है। जिससे बैंकों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 जब से ब्लॉक को राष्ट्रीय राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए चयनित किया गया है, तब से समूहों को योजना का लाभ दिया जाए तथा इंटरेस्ट सबमिशन लाभ भी दिया जाए। इस आजीविका मिशन के तहत लिए गए ब्लॉक के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आजीविका कमाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए तथा संबंधित संस्थाओं और विभागों को प्रशिक्षण सुनिश्चित करवाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब के कुछ बैंक चुनिंदा स्वयं सहायता समूहों को ही ऋण उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों से 10000 रूपये की एफडी भी करवा रहे हैं।