निरंकारी भवन राजगढ़ में विशाल सत्संग का आयोजन

धार्मिक हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ / राजगढ़

राविवार को स्थानीय निरंकारी भवन में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया । सत्संग की अध्यक्षता पंचकुला से आए महात्मा अमृत चंद की। उन्होंनेनिरंकारी सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज का सन्देश देते हुए उपस्थित संगत को कहा की परमात्मा जानने योग्य है। इसे सद्गुरु की कृपा से जाना जा सकता है यह जड़ –जेतन के रूप में इसकी ही सारी रचना है। परमात्मा सृष्टि के कण कण में यह व्यापत है। सद्गुरु की आसिम कृपा व् ब्रह्मज्ञानियों का संग करके ही इसे जाना जा सकता है। माहत्मा अमृत चन्द ने कहा की इन्सान की असल पहचान आत्मा के रूप में है न जिस्म है न फहरावा। भ्रमवश इन्सान केवल शारीर तक ही सिमित रह जाता है। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी अक्सर कहती है की भक्तजन सदेव मानव कल्याण करते है। ये जहां एक –दुसरे का भला मांगते वही भला करते भी है। भ्रम के कारण ही अज्ञानता की दीवार है और इसलिय भाषा ,जाती ,धर्म के आधार पर दीवारे खडी की जा रही है। इन दीवारों को गिराने की बात की जा रही है। धरती दीवार रहित हो ,इसके लिय आपसी भेदभाव खत्म करने होंगे। जब यह दीवारे गिर जायेगी तब एक दुसरे के प्रति हित भाव जागृत होता है सत्य कभी बदलता नहीं है। यह परमात्मा सदेव एकरस है यह सर्वभोमिक सचाई है संसार के वातावरण को सुन्दर और सुखद बनाने के लिए इन्सान को अपनी इंसानियत प्रमाणित करनी होगी। हर किसी को अपने आप को सवारना है मंजिल को प्राप्त करके इंसानियत का रुतबा बरकरार रखना होगा। प्यार से ही धरती को सजाया ओर सावरा जा सकता है। अमृत चन्द ने अंत में कहा की निरंकारी मिशन की सद्गुरु माता सुदीक्षा सविन्द्र हरदेव जी महराज का यही सन्देश है की हम सभी ने आपस में प्यार से रहना है किसी की भी चुगली नहीं करनी हैकिसी से नफरत नहीं करनी है बस प्यार के ही बीज बोते हुए जीवन यापन करना है। इससे पहले संचालक गनपत राम ,शिक्षक रंजित सिंह , गोपी चंद डोगरा , ,रमेश ,रतन,भगवान दास ,देशराज सहित छोटे बच्चो ने भी संगत माँ से आशीर्वाद लिया।