हाटी जनजातीय क्षेत्र की मांग की फाइल नहीं हुई है रिजेक्ट -डॉ.अमीचंद

सरकार हिमाचल

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब
गिरिपार क्षेत्र के हाटी जनजातीय क्षेत्र की मांग की फाइल को आरजीआई ने रिजेक्ट नहीं किया है बल्कि इसके कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जाहिर की है। फाइल में दर्शाईं गई आपत्तियों का जल्द ही समाधान किया जाएगा। यह दावा पांवटा साहिब में हाटी केंद्रीय समिति के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. अमीचंद ने किया है।
सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित नहीं किए जाने को लेकर बीते कुछ समय से विवाद चल रहा है. हाटी केंद्रीय समिति की केंद्रीय कार्यकारणी का कहना है कि आरजीआई ने गिरिपार क्षेत्र के हाटी जनजातीय क्षेत्र की मांग की फाइल को रिजेक्ट नही किया है. केद्रीय कार्यकारणी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आरजीआई को लेकर कुछ आपत्तियां थीं, जिन्हे दूर कर लिया गया है.
बीते शुक्रवार को हाटी समिति की केंद्रीय कार्यकारणी की बैठक पांवटा साहिब में हुई, जिसकी अध्यक्षता समिति के केंद्रीय अध्यक्ष डाॅ. अमीचंद ने की. इस बैठक में केन्द्रीय हाटी समिति के सदस्यों सहित राजगढ़, संगड़ाह, शिलाई तथा पांवटा यूनिट के सदस्यों ने भाग लिया. यहां हाटी समुदाय को जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए हाल ही में बीजेपी सांसद वीरेन्द्र कश्यप के नेतृत्व मेंं केन्द्रीय गृहमंत्री, आरजीआई तथा जनजातीय सचिव के साथ विस्तार से चर्चा हुई थी.
डाॅ. अमीचन्द ने बताया कि सभी आपत्तियों को लेकर बैठक में चर्चा की गई और अब चीजें साफ हो गई हैं. इस समय हिमाचल सरकार का केंद्र सरकार के साथ तालमेल ठीक बना हुआ है और शीघ्र ही कुछ सकारात्मक प्रगति की संभावना बनी हुई है. सोशल मीडिया में कुछ लोगों द्वारा केस को निरस्त करने की गलत अफवाह फैलाई जा रही है, जिससे लोगों में गलत संदेश गया है. आरजीआई ने फाईल मे जो आपत्तियां दर्शाईं थीं, उनका समाधान सांसद कश्यप के नेतृत्व में हाटी प्रतिनिधि मंडल ने केन्द्रीय गृहमंत्री, आरजीआई और सचिव जनजातीय के साथ बैठक में कर लिया गया है. उम्मीद है कि शीघ्र ही ये मसला अब केन्द्रीय कैबिनेट में पहुंचेगा, जहां से संवैधानिक संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी.समिति के सदस्यों को उम्मीद है की शीघ्र ही फाइल में आरजिआई द्वारा जाहिर की गई आपतियों का समाधान होगा और गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा मिलेगा।