अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में सिरमौर के कलाकारों का शानदार प्रदर्शन

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पवन तोमर /राजगढ़
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से उतर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला द्वारा कुरूक्षेत्र के ब्रम्हसरोवर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आसरा संस्था के सोलह कलाकारों ने बहुरंगी कलाओं के उत्सव में भाग लेकर सांस्कृतिक क्षेत्र में सिरमौरी संस्कृति की अमिट छाप-छोड़ी है।

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन 7 से 23 दिसम्बर तक किया जा रहा है इस आयोजन में आसरा संस्था के लोक कलाकारों को 7 से 11 दिसंम्बर तक जिला सिरमौर के पारम्परिक लोक नृत्यों के प्रदर्षन का अवसर प्राप्त हुआ जिसके परिणाम स्वरूप आसरा के लोक कलाकार जिला सिरमौर के पारंपरिक लोक नृत्यों के प्रदर्षन में जुटे हैं। हरियाणा के कुरूक्षेत्र में इन दिनों उतर भारत के से आमंत्रित प्रत्येक राज्य के अग्रीणी सांस्कृतिक दलों में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर रहे आसरा संस्था के लोक कलाकारों के अलावा, जम्मू कश्मीर , पंजाब, हरियाणा, राज्यस्थान ओर उत्तराखंड के लोक नृत्य दल अपने राज्य के लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दे रहे है। पूरे भारतवर्ष से आए अनेकों सांस्कृतिक दलों की ब्रम्हसरोवर के खुले मंच पर प्रस्तुतियों में आसरा संस्था के लोक कलाकार जिला सिरमौर के पारम्परिक लोक नृत्यों की प्रस्तुति देकर अलग पहचान बनाए हुए हैं। आसरा द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य सलाहकार विद्यानन्द सरैक व जोगेन्द्र हाब्बी के निर्देशन में तैयार की गई लोक नृत्यों की आकर्षक लोक लुभावनी विधाओं का लोक कलाकार महोत्सव प्रदर्शन कर रहे है।

सभी कलाकार जिला सिरमौर की हाटी संस्कृति का प्रदर्शन इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में कर रहे है। इस मंच के माध्यम से हिमाचल के सिरमौर की संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिल रही है।