गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र की मांग को लेकर अब होगी आर पार की लड़ाई

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सिरमौर न्यूज़ /पांवटा साहिब

गिरिपार क्षेत्र को हाटी जनजातीय क्षेत्र की मांग का मामला गर्मा गया है । हाटी अधिकार मंच ने इस मामले को लेकर अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है । हाटी अधिकार मंच ने प्रदेश व केंद्र सरकार से दो टूक कह दिया है यदि एक महीने के इसका हल नही निकला तो आंदोलन होगा ।
गिरिपार क्षेत्र के कफोटा में हाटी अधिकार मंच की एक बैठक का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता मंच के संयोजक इंद्र सिंह राणा ने की। इस बैठक में विशेष तौर पर हाटी जनजातीय क्षेत्र की मांग आरजीआई द्वारा ठुकराने की कड़े शब्दों मे निंदा की गई। और केंद्र व प्रदेश सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए कड़े शब्दों में कहा कि यदि जल्द से इस मामले मे सकारात्मक परिणाम दें वरना आंदोलन होगा। बैठक में विस्तार से चर्चा हुई कि 1971 से गिरिपार क्षेत्र के लोग क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र की मांग करते आ रहे हैं। पांच दशक से भी अधिक समय से क्षेत्र की जनता इस मांग को लेकर संघर्षरत है फिर भी बार बार अढ़ाई लाख से अधिक लोगों की अनदेखी हो रही है। मंच के संयोजक इंद्र सिंह राणा सहित प्रताप पुंडीर, अधिवक्ता अनिल चौहान और जितेन्द्र राणा व धर्म सिंह चौहान आदि ने बताया कि हाटी समीति लगातार इस मामले मे केन्द्र व प्रदेश सरकार के संपर्क में रही है। कईं बार पत्राचार और एरिया का सर्वे करवाया। सभी जरूरी ओपचारिकताएं पूरी करवाई। नेताओं और मंत्रियों को लेकर केंद्र सरकार के पास अपना सही पक्ष रखा। लेकिन फिर भी इस मांग को लगातार ठुकराया जा रहा है। जबकि गिरिपार क्षेत्र पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के जोंसार बावर से हर पहलू मे एक समान है। इसका मतलब है कि इस मांग को केंद्र व प्रदेश सरकार शांतिपूर्ण ढंग से नही मानेगी। इसलिए अब गरम दल तैयार होने लगा है। यदि सरकार ने लोस चुनाव से पूर्व गिरिपार क्षेत्र की जनजातीय क्षेत्र की मांग पूरी नही करते तो सडकों पर भी उतरा जाएगा। यह भी निर्णय हुआ कि हर गांव में कमेटी का गठन किया जाए ताकि जनता को इस मुहिम और इससे मिलने वाले लाभ के बारे में जागरूक करेगी। हाटी अधिकार मंच ने इसी संधर्ब में देश के प्रधानमंत्री को भी एक कड़क पत्र भेजा है जिसमे अपनी मांग को प्रमुखता के साथ रखा है ।