सिरमौर के लोगो को ठगने का काम कर रही भाजपा – जी.आर. मुसाफिर

राजनीति

पवन तोमर- राजगढ़

सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के लोगो को जनजातीय दर्जा दिलाने के नाम पर भाजपा जिला सिरमौर के लोगो को ठगने का काम कर रही है । यह बात हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी.आर. मुसाफिर ने राजगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इतना ही नहीं उन्होंने मोदी सरकार पर भी पत्रकार वार्ता के दौरान निशाना साधा। उन्होंने कहा की मोदी सरकार ने शुरू से ही देश की जनता को ठगने का काम किया है। उन्होंने जो बाते चुनाव से पहली की थी आजतक एक बात भी सच नहीं निकली बस सारी बाते जूमला ही साबित हुई | उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा चुनावो से पहले हर वर्ष 2 करोड़ लोगो को रोजगार , काला धन वापिस लाना , राम मंदिर बनाना , महंगाई समाप्त करना , गंगा की सफाई जैसे जुमलो से जनता को आकर्षित किया लेकिन 5 वर्ष समाप्त होने वाले है और एक भी वादे पर भाजपा खरी नही उतर पाई। भाजपा जुमले छोड़ने वाली पार्टी है और जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को ट्राईबल दर्जा दिलाने के नाम पर भी छल किया गया। मुसाफिर ने कहा कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह और जनजातीय मंत्री ने जनसभा में क्षेत्र की इन मांग को पूरा करने का वादा किया था और जनता उम्मीद लगाये बैठी थी कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा अपना वादा पूरा करके यहाँ के लोगो की मांग को पूर्ण करेगी। लेकिन हाल ही में जनजातीय मंत्रालय द्वारा एक नई रिपोर्ट मांग ली गयी जिससे जाहिर है कि यह मामला ठन्डे बस्ते में जाने वाला है | इससे भाजपा की कथनी और करनी का पता जनता को लग गया है। उन्होंने प्रदेश भाजपा के उन नेताओ को भी जबाब देने के लिए कहा जो तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस सरकार पर मामले को लटकाने के आये दिन आरोप लगाते रहते थे। उन्होंने सवाल किया है की अब प्रदेश व् केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है तो अब मामले को कौन लटका रहा है ? उन्होंने कहा की भाजपा की वादाखिलाफी से जनता में रोष है और आने वाले लोकसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता भाजपा को इसका जबाब अवश्य देगी।

यह है हाटी समुदाय से जुड़ा मामला ओर मांग

हाटी समुदाय जिला सिरमौर के गिरी पार क्षेत्र का जन समुदाय है जो विशेष भोगोलिक परिस्थियों के चलते आज भी बेहद पिछड़ा है। हाटी वह समुदाय है जो हाट [बाज़ार ]से बहुत दूर रहता था अपनी जरुरतो के लिए यहाँ के लोग साल या छह महा में एक बार हाट जाते थे और जरुरी सामान ले कर आते थे अपनी पीठ पर बोझा उठाते थे। रात को रास्ते में स्थान जहाँ सिर्फ हाटी रुकते थे पर ही रहते थे जब यहाँ का कोई व्यक्ति जाता था तो बाज़ार में रहने वाले लोग उन्हें बेहद घृणित नजरों से देखता था। ये प्रथा सदियों से चली आ रही थी जो आजादी के बाद धीरे धीरे कम हुई। यहाँ की तहसीले राजगढ़, संगडाह और शिलाई का वह क्षेत्र है जो गिरी नदी के पार बस्ता है .एक और तोंस नदी इस क्षेत्र को जोंसार बाबर से अलग करता है तो शेष चुडधार की ऊँची चोटियाँ इसे एक विशेष क्षेत्र बनता है जो एक समय में बरसात के दोरान पूरी दुनिया से कट जाता था। बेशक आवागमन के साधनों से अब ये दूरियां कुछ कम जरुर हुई है। लेकिन ये क्षेत्र पिछड़ा होने के कारण आज भी जिला सिरमौर प्रदेश के दो सबसे पिछड़े जिलो में से एक है यहाँ की प्रथाएं आज भी जोसर बाबर से मिलती है जो 1964 में जनजातीय घोषित हो गया था। यहाँ का हाटी समुदाय तब से ही क्षेत्र को जनजातीय घोषित करने की मांग कर रहे है