यमुना में डूबने से सूरज की मौत

दुर्घटना

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब
पांवटा साहिब में एक बार फिर से आस्था पर लापरवाही भारी पड़ी है । पवित्र यमुना घाट पर प्रशासनिक लापरवाही और एक युवक की गलती एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। यमुना घाट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने की वजह से पाप नाशनी यमुना में एक और युवक का जीवन लील लिया।
देहरादून से अपने पारिवारिक मित्रों के साथ पांवटा आया सूरज जीवन दायनी यमुना में पवित्र स्नान के लिए उतरा था। 23 वर्षीय सूरज मोर्य यमुना घाट से गलती से थोड़ा आगे चला गया और यमुना के तेज बहाव में फंस गया। पानी में बहते हुए सूरज को किनारों पर खड़े कुछ लोगों ने देख लिया था और उनमें से कुछ युवक तुरंत सूरज के बचाव के लिए यमुना की तेज लहरों में उतरे। लेकिन यमुना घाट से कुछ दूरी के बाद सूरज पानी मे डूब गया था जिससे उसका कुछ पता नहीं चल सका। हालांकि बचाव में उतरे युवकों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार सूरज को ढूंढते रहे। इस बीच एक तैराक की नजर गहरे पानी में पड़े सूरज पर पड़ी और सूरज को बाहर निकाल दिया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और सूरज की पानी में डूबने से मौत हो चुकी थी।
बताते चलें की पांवटा साहिब के यमुना घाट पर हर साल डूब कर मरने की घटनाएं होती है लेकिन बावजूद इसके प्रशासन ने यहां लोगों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। प्रशासनिक लापरवाही के चलते स्थानीय लोगों को जान हथेली पर रख कर लोगों के बचाव में उतरना पड़ता है। सूरज को बाहर निकालने वाले इन साहसी युवकों ने पहले भी ऐसे कारनामों को अंजाम दिया है। अक्सर यमुना घाट पर लोग गहरे पानी में फंस जाते हैं लेकिन पंकज और मनीष जैसे स्थानीय साहसी गोताखोर कई बार अपनी जान हथेली पर रखकर लोगों को बचा चुके हैं। इस बार भी इन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए सूरज को ढूंढने का लगभग आधा घंटा तक प्रयास किया लेकिन जब सूरज मिला तो उसकी मौत हो चुकी थी। पंकज व मनीष ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिल कर तुरंत रेस्क्यू शुरू कर दिया था। लेकिन सूरज गहरे पानी मे नजर ही नही आया। मोके पर अग्निशमन कर्मचारी , पुलिस कर्मचारी और प्रशासन के अधिकारी भी पहुँच चुके थे , उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की सहायता से काफी देर तक डूबे सूरज को ढूँढने का प्रयास किया।