तमंचे की नोक पर पत्रकार के अपहरण का प्रयास, उसके बाद मारपीट

क्राइम

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

पावटा साहिब शहर के बद्रीपुर क्षेत्र में गुंडों गुंडों द्वारा समाचार चैनल के पत्रकार का पिस्तौल की नोक पर अपहरण का प्रयास किया। अपहरण में असफल होने के बाद गुंडों द्धारा पत्रकार की पिटाई करने पर मीडिया जगत में गहरा रोष है।पत्रकार के अपहरण और हमले के इस मामले के प्रदेश भर में भर्त्सना हो रही है। प्रदेश भर के पत्रकारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।
पावटा साहिब सहित प्रदेश भर में पत्रकारों का कहना है कि आपराधिक मामलों में संलिप्त लोग कलम के सिपाहियों को लगातार निशाने पर ले रहे हैं। पावटा साहिब क्षेत्र पत्रकारों के लिए असुरक्षित और गुंडे मवालियों के लिए सुरक्षित शरण स्थली बनता जा रहा है। कलम की धार को कुंद करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं। मीडिया की निष्पक्ष आवाज को दबाने के नाकाम कोशिश हो रही है। पुलिस सहित जिम्मेदारों के संज्ञान में मामले होने के बावजूद भी ऐसे तत्वों को कोई सबक नहीं सिखाया गया। जिसकी वजह से इसी तरह के गुंडा तत्व व उनके सहयोगियों के भी हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। कहीं प्रकारों पर सीधे हमले हो रहें तो कुछ अपराधिक तत्व सोशल मिडिया के माधयम से भी पत्रकारों की छवि खराब करने का लगातार प्रयास कर रहा हैं। शुक्रवार रात्रि कानून से बेखौफ गुंडों ने एक समाचार चैनल के पत्रकार अक्षय गिल पर हमला किया है। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि अक्षय गिल पर जानलेवा हमला ही नहीं बल्कि उनका तमचे की नोक पर अपहरण करने की भी कोशिश की गई। जान बचाने के लिए निजी दुकान की शरण लेनी पड़ी। हिमाचल प्रदेश के शांत माहौल में गुंडा तत्व के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
पिस्तौल की नोक पर अपहरण में नाकाम होने के बाद मारपीट की इस घटना राजनीतिक गलियारों में भी कड़ी निंदा हो रही है। पावटा विधायक सुखराम चौधरी ने पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलम के सिपाहियों पर किसी तरह के अत्याचार बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जबकि पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के साथ गुंडागर्दी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने में भी गुरेज नहीं किया जाएगा। राजनीतिज्ञों के अलावा कई सामाजिक संस्थाएं भी गुंडों के अत्याचारों के विरुद्ध पीड़ित पत्रकार के साथ खड़ी हो गई हैं के साथ खड़ी हो गई हैं।