क्राइम

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब
अपराधी कितने ही शातिर हो कानून के लंबे हाथ उसके गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। यह बात सिरमौर पुलिस ने फिर साबित कर दिखाई है। सिरमौर पुलिस के पियो सेल ने एक ऐसे उद्घोषित अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है जो पिछले 6 सालों से दिल्ली में पहचान बदलकर रह रहा था।

पांवटा साहिब के पवित्र गुरुद्वारे में हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला यह शातिर अपराधी 6 सालों के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले सविंदर सिंह व उसके एक साथी ने पांवटा में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी और फरार हो गए थे। मामला वर्ष 2012 का है। पंजाब के बटाला निवासी सुखविंदर सिंह 6 साल पहले अपने एक साथी के साथ पांवटा साहिब आया था ,दोनों शातिर उत्तराखंड से एक टेंपो चालक को यहां किसी काम के बहाने लाए थे। तीनों लोग रात को पांवटा साहिब गुरुद्वारे में रुके। इस दौरान सविंदर सिंह और उसके साथी ने उक्त टेंपो चालक की गुरुद्वारे के कमरे में हत्या कर उसे फंदे से लटका दिया और उसका टेंपो लेकर फरार हो गए । हालांकि दोनों साथियों को पंजाब पुलिस ने पकड़ लिया था लेकिन यह दोनों शातिर हिमाचल पुलिस के 2 जवानों को गच्चा दे कर उस समय फरार हो गए जब पुलिस के जवान निशानदेही के लिए इन्हें बटाला ले गए थे। इस मामले में अपराधियों की फरारी के जुर्म में उक्त दोनों पुलिसकर्मियों ने लगभग एक 1 साल की सजा भी काटी। सिरमौर पुलिस ने इस संगीन मामले मैं पियो सेल की टीम को लगाया, कई महीनों की मशक्कत के बाद पीओ सेल की टीम को अपराधियों में से एक सविंदर को दिल्ली के ओखला इलाके में होने की बात पता चली पुलिस ने जाल बिछाया और सविंदर को गिरफ्तार कर लिया।

डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया की इससे पहले सविंदर सिंह दुबई में भी किसी अपराध में सजा काट चुका है। सविंदर के बारे में मिली जानकारी और भी चौंकाने वाली है दरअसल दिल्ली में सविंदर जाली वोटर ID , जाली आधार कार्ड बनाकर अपना नाम बदल कर रह रहा था। ओखला क्षेत्र में सविंदर किसी महिला के फार्म हाउस पर बतौर वर्कर छुपा बैठ था।आज उसे अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।