बासमती की खुशबू से महकने को तैयार हो रहा है पांवटा

कृषि

सिरमौर न्यूज़ / पांवटा साहिब

प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश से मौसम जहां सुहावना हो गया है वहीं पांवटा दून क्षेत्र के किसान धान की रोपाई मे जुट गए हैं। पिछले दो दिनो से लगातार हो रही बारिश के बाद नवादा व हरिपुर टोहाना सहित आसपास के सभी गांव में किसानों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। मानसून की शुरुआत में हुई इस वर्ष ने खेतों की नमी को बढ़ा दिया है और धान की रोपाई को आसान कर दिया है। प्रदेश के मैदानी इलाकों मे शनिवार की रात से लगातार हो रही बारिश ने गर्मी से खासा राहत प्रदान की है वहीं मानसून के शुरुआत में हुई यह बारिश पांवटा साहिब के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। पिछले करीब 15 दिनों से यहां के किसान वर्षा के इंतजार में थे। धान की फसल की रोपाई के लिए यह वर्षा अमृत बनकर बरसी है। जिसके बाद क्षेत्र में किसानों में खुशी की लहर है। धान (चावल ) की फसल पांवटा साहिब में किसानों की मुख्य फसलों में से एक है यहाँ काई हज़ारो बीघा खेतो में उत्तम गुणवत्ता की लाखो क्विंटल बासमती उगाई जाती है जिसकी यमुना नगर सहित करनाल आदि मंडियों में मांग रहती है .
धन की रोपाई के लिए उत्तर प्रदेश के पीलीभीत व बरेली आदि स्थानों से यहां आजीविका कमाने आए प्रवासी मजदूरों में भी काम मिलने से खुशी की लहर है। स्थानीय किसानों के यहां मजदूरी करने आए उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों ने बताया कि हर वर्ष यहां पर धान की फसलों की कटाई व रोपाई के लिए आते हैं।जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त होता है। हालाँकि इस बार वर्षा की कमी से फसल रोपाई में तकरीबन 10 से 15 दिन की देरी हुई है। परंतु बीते शनिवार हुई वर्षा के बाद रविवार सुबह से ही धान की बिजाई का यह कार्य शुरू कर दिया गया है। गोर हो कि पांवटा साहिब दून क्षेत्र में करीब डेढ लाख क्विंटल धान का उत्पादन होता है। जिसमे अव्वल दर्जे की बासमती भी शामिल हैं। यहाँ के किसानो की मुख्य फसल या तो गेंहू है या फिर धान।