ज़मीनी विवाद के बाद खूनी संघर्ष मामले में एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली….

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पांवटा साहिब विकासखंड के ग्राम पंचायत सालवाला में बीते माह भूमि विवाद में पूर्व प्रधान के भाई द्वारा पडोसी की प्रॉपर्टी में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली है। आरोपियों के खिलाफ 2 मामले दर्ज होने के लगभग एक महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ आरोपियों के गिरेबान तक नहीं पहुंच पाए हैं। आरोपी करीब एक माह से खुलेआम घूम रहे हैं परंतु पुलिस द्वारा उन्हें दबोचने की कोशिश तक नहीं की जा रही। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पीडित परिवार का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस भी आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने से कतरा रही है। हालांकि मंगलवार को विवाद को निपटाने के लिए विवादित भूमि की डिमार्केशन करवाई गई।
मामले में गौरतलब यह है कि गत माह 18 मई को दीपेंद्र भंडारी की प्रॉपर्टी में पंचायत के पूर्व प्रधान का भाई कुछ अन्य लोगों व परिवार की महिलाओं के साथ पहुंचे और वहां दीपेंद्र भंडारी के बेटे व दीवार लगाने का काम कर रहे मजदूरों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में दो मजदूरों को गंभीर चोटें भी आई थी। हमलावरों का आरोप था कि उक्त उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर दीवार बना रहे हैं। हालांकि इससे पहले भी आरोपियों द्वारा विवादित ज़मीन पर 2 बार पीडित द्वारा बनाई गई दीवार गिराई गई व उसके परिवारजनों पर पत्थर बरसाये गये थे। जिसके बाद 3 आरोपियों के खिलाफ सुरक्षा दीवार तोडने और शटरिंग का सामान चोरी कर लेजाने मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद गत 18 मई को पूर्व प्रधान के भाई व परिवारजनों द्वारा पडोसी की ज़मीन में घुसकर हमला करने के बाद पुलिस में पुनः शिकायत की गई थी और पुलिस ने शिकायत पर 10 लोगों पर मामला भी दर्ज कर लिया था। लेकिन विडंबना यह है कि आरोपियों को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। जिसके बाद पीडित परिवार ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों के साथ पूर्ण ढिलाई बरतने के आरोप भी लगाये हैं।
भूमि विवाद को निपटाने के लिए मंगलवार को जमीन की पुनः निशानदेही भी करवाई गई। इस निशानदेही में पांवटा साहिब तहसील के नायब तहसीलदार निहाल कश्यप स्वयं भी मौजूद रहे। मंगलवार को विवादस्पद ज़मीन के हिस्से की निशानदेही पूरी कर ली गई। लेकिन कुछ अन्य हिस्सों को लेकर अभी भी विवाद बना हुआ है। नायब तहसीलदार निहाल कश्यप ने बताया कि निशानदेही का अधिकतर कार्य निपटा दिया गया है कुछ विवादित हिस्से पर फिर से निशानदेही की जाएगी। मंगलवार को की गई निशानदेही में पीडित दीपेंदर भण्डारी की ज़मीन कागज़ों के अनुसार बिल्कुल सही पाई गई है जिसकी पहले भी पुलिस निशानदेही करा चुकी है। कुछ हिस्सा रह गया है जिसकी पूरे कागज़ात आ जाने पर पुनः निशानदेही की जायेगी। वहीं इस दौरान पंचायत प्रधान व जिला पंचायत सदस्य सहित कुछ अन्य स्थानीय भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
उधर इस सारे विवाद को लेकर डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने बताया कि धारा 117 के तहत मामले में एक महिला टीना पुत्री पूर्व पंचायत प्रधान प्रेम को छोडकर बाकी सभी आरोपी कोर्ट से बेल पर रिहा हो चुके हैं। धारा 379 के तहत दर्ज मामले के तीनों आरोपियों रामकिशन, श्याम सिंह व जोगिंदर को दबोचने की कोशिश की जा रही है।