सरकारी अस्पताल पांवटा में सुविधाओं का अभाव, निजी अस्पतालों की चांदी

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पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के आभाव में अल्ट्रासाऊंड मशीन पिछले डेढ़ वर्षों से धूल फांक रही है। जिसका फायदा उठाकर इन दिनों निजी अस्पताल जमकर चांदी कूट रहे हैं। जिला सिरमौर के चार विधानसभा क्षेत्र पांवटा साहिब, शिलाई, नाहन व रेणुका जी के साथ साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड व हरियाणा के लाखों लोग उपचार के लिये सिविल अस्पताल पांवटा पर निर्भर हैं। रोज़ाना यहां पहुंचने वाले 700 लोगों में से करीब 100 गर्भवती महिलाओं की होती है। जिनके लिये पांच वर्ष पहले प्रदेश सरकार द्वारा यहां करोड़ो रूपये की लागत से अल्ट्रासाऊंड मशीन लगाई थी ताकि दूरदराज़ से यहां पहुंचने वाली गरीब महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाऊंड की सुविधा मिल सके।
बेलगाम निजी अस्पतालों की चांदी
करीब डेढ़ वर्ष पहले यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट का तबादला चम्बा किये जाने के बाद से बन्द पडी अल्ट्रासाऊंड मशीन और अल्ट्रासाऊंड रूम के बाहर लटका हुआ यह ताला, बेलगाम निजी अस्पतालों की रोज़ चांदी कराने का रास्ता खोलता नज़र आरहा है। सरकारी अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट की कमी से अल्ट्रासाऊंड रूम के बाहर लटके इस ताले की वजह से अब क्षेत्र के गरीब लोग निजी अस्पतालों में लुटने को मजबूर हो गये हैं। मौके का फायदा उठाते हुए निजी अस्पतालों द्वारा गरीब गर्भवती महिलाओं से सरेआम प्रत्येक अल्ट्रासाऊंड के 600 से 700 रूपये वसूले जा रहे है। उपचार के दौरान खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाऊंड के लिये किसी अन्य स्थान पर जाना और फिर निजी अस्पतालों की लूट-खसोट के बाद वापस आकर डाक्टर को रिपोर्ट दिखाने के लिये कतारों में लगना पडता है। ऐसी हालत में दिनभर अस्पतालों के चक्कर मारना किसी काले पानी की सज़ा से कम नहीं है।
क्या कहते हैं एसएमओ
उधर इस बारे एसएमओ पांवटा डा. संजीव सहगल का कहना है कि कई बार इस खाली पद को भरने के लिये सीएमओ सहित आला अधिकारियों को पत्र लिखे जा चुके हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही यहां रेडियोलाजिस्ट की तैनाती कर समस्या का निदारण किया जायेगा।