ईकों टूरिज्म से पर्यटन को बढ़या देने में जुटा वन विभाग

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सिरमौर न्यूज। राजगढ़
देर से ही सही, राजगढ़़क्षेत्र को पर्यटन व्यवसाय में पंख लगने वाले हैं। हालांकि स्थानीय लोग पर्यटन गतिविधियों कोअपने स्तर पर खींचे हुए हैं। परन्तु अब वन विभाग भी ‘‘ईको टूरिज्म’’ के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने में जुट गया हैं। जी हां, यह जानकारी देते हुए वन मंडलाधिकारी मृत्यंुजय माधव ने बताया कि उन्होंने राजगढ़ क्षेत्र के कई स्थानों का चयन कर वहां का सौंदर्यीकरण तथा आवासीय सुविधा का कार्य आरंभ कर दिया है ताकि पर्यटकों को सुविधा के साथ साथ सुंदर वातावरण भी मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश वन विभाग के ईको टूरज्मि कार्यक्रम के मद्देनजर ईको ट्रैकिंग रूट तैयार किए जा रहे हैंजिसके तहत राजगढ़ में छिछड़ियाघाट से बथाउधार होते हुए बनालीधार तक की पूर्व खच्चर सड़क का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसी के साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़क किनारेसुस्ताने के लिए विश्रामस्थल अथवा रेन शेल्टर बनाए जा रहे हैं। इसके इलावा छिछड़ियाघाट एवं बनालीधार में टूरिस्ट हट्स बनाए जाने भी प्रस्तावित हैंमगर फिलहाल बथाउधार में टैंट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस बारे में वन मंडलाधिकारी राजगढ़ मृत्युंजय ने बताया कि टैंट लगाने की जगह का चयन भी कर लिया गया है जिसका अवलोकन वन वृत नाहन के मुख्य अरण्यपाल राकेश गुप्ता कर चुके हैं और कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। इसी के साथ टैंट और अन्य आवश्यक सामान भी खरीद लिया गया हैताकि अविलंब, ईको टूरिज्म गतिविधियां आरंभ की जा सके। इसी संदर्भ मेंजानकारी देते हुए डीएफओ राजगढ़ ने बताया कि प्रथम चरण में वर्षों पहले लगभग 15 किमी वन विभाग द्वारा बनाई गई चुरवाधार से बथाउधार म्यूल रोड को आने जाने लायक बनाया जा रहा है जोकि इसी वर्ष जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। पूरे रास्ते में लगभग 15 शेल्टर बनाए जाएंगे ताकि टूरिस्ट अल्पाराम कर सके। इसी के साथ जगह जगह पर दिशा निर्देश पट्टिकाएं लगाई जाएंगी। दूसरे चरण में बथाउधार से हाब्बन लगभग सात किमी ट्रेकिंग रूट तैयार किया जाएगा। टैंट सुविधा के लिए वन विभाग के विश्रामगृह के निकट का स्थान चुना गया है। टूरिज्म की येगतिविधयां‘‘ हिमाचल इको टूरिज्म सोसाईटी’’ की देखरेख में कार्यान्वित होंगी।