भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर के द्वितिय दीक्षांत समारोह में सीएम ने नवाजे होनहार

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सिरमौर न्यूज। ब्यूरों चीफ
भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर का द्वितिय दीक्षांत समारोह पांवटा साहिब के रामपुरघाट में मनाया गया। जिसमें मुख्यातिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर रहे। मुख्यातिथि ने दीपक पज्ज्वलित कर विधिवत ढ़ग से कार्यक्रम का आगाज किया। उसके बाद डीएवी पब्लिक स्कूल पांवटा ने सरवस्ती वंदना से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। बोर्ड ऑफ मेम्बर अजय एस श्री राम ने कार्यक्रम को आगे चलाने की अनुमति देते हुए कहा कि आईआईएम सिरमौर के लिए इस दिन बड़े ही हर्ष का दिन है। भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर दूसरा दीक्षांत समारोह मना रहा है।
उधर प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सम्बोधन में कहा कि न्यू इण्डिया’ के निमार्ण में राष्ट्र को युवा पेशेवरों से बड़ी उम्मीदें और अपेक्षाएं हैं। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सिरमौर ज़िले के पांवटा साहिब में भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) के द्वितीय दीक्षान्त समारोह के अवसर पर सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना को लेकर संस्थान की कुछ सीमाएं हो सकती है, लेकिन संस्थान में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के विद्यार्थी हमेशा ही संस्थान तथा हिमाचल प्रदेश के संस्मरणों को संजोकर रखेंगे। उन्होंने संस्थान से पास हुए विद्यार्थियों को राज्य के एम्बेस्डर के रूप में कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि जब कभी भी उन्हें मौका मिले, राज्य की सेवा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रगति तथा खुशहाली के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जयराम ठाकुर ने संस्थान से निकलने वाले विद्यार्थियों से देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान में अध्ययन करने का अवसर प्रदान करने के लिए अपने अभिभावकों की कुर्बानियों को याद रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अध्यापक भी राष्ट्र के भविष्य के वास्तविक निर्माता हैं, और उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मूल्यों, संस्कृति तथा परम्पराओं को कायम रखने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने पदमनाभ अधिकारी को र्स्वण पदक प्रदान किया। सोमया दीपदास को उत्कृष्ट ऑल-राउण्ड विद्यार्थी का पुरस्कार प्रदान किया गया। आरूषी सिंह को निदेशक विशेष का पुरस्कार प्रदान किया गया।


इन्हें मिली डिग्रिया—–
आशिश, अभिषेक कुमार गुप्ता, अभिषेक सिंह, अमित अग्रवाल, अंकुर, अनुभव, अनुज कुमार, अर्चित सिंघला, आरूषि सिंह, आशिष बडावाला, भावेश, मिलाल कुरेशी, वोलवे गणेश, चमन यादव, चौहान विजय अशोक कुमार, दीवासू, गुन्नू सत्यशेखर, हार्दिक राजीव श्री वास्तव, के अरविंद, क्षितित श्री वास्तव, पदननाथ अधिकारी, पंकज बिष्ठ, पियुष नरेश, प्रारब्ध सैणी, संदीप कौशिक, सत्यम, सोम्यदीप दास, सुदेश प्रिय यादव, विरेन्द्र, विशाल कैलाश, योगेश कुमार यादव। कार्यकम्र के अंत में राष्ट्रीय गान से द्वितिय दीक्षांत समारोह की समाप्ति की गई।