पांवटा में तिब्बतियों ने धन्यवाद भारत कार्यक्रम में भारत को गुरू और तिब्बत को शिष्य का दिया दर्जा

लेटेस्ट न्यूज़

सिरमौर न्यूज। पांवटा साहिब
पांवटा साहिब के नगर परिषद मैदान में क्लोजम तिब्बती सेटलमेंट भूपपूर द्वारा धन्यवाद भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि पांवटा दून के विधायक सुखराम चौधरी व तिब्बती समुदाय के स्वास्थ्य मंत्री चौकयंग वांगचुंग कालो रहे। तिब्बत के भारत में 60 वर्ष पूरे होने पर तिब्बती शरणार्थीयों द्वारा धन्यवाद भारत का कार्यक्रम रखा गया।
मुख्यातिथि द्वारा विधिवत तरीके से कार्यक्रम की शुरूआत की गई। सेटलमेंट के अधिकारी जेलेक जेमयंग ने कार्यक्रम की शुरूआती रूप रेखा को सभी के समक्ष रखा। उसके बाद इन्डों तिब्बत मित्रता के प्रधान मदन लाल खुराना ने भारत और तिब्बत के मजबूत रिश्तों को सभी के समक्ष रखा। स्वास्थ्य मंत्री चौकयंग वांगचुंग कालो ने सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत गुरू है ओर तिब्बत शिष्य है। भारत ने तिब्बत की धरोहर, संस्कृति व सभ्याता को भारतवर्ष में जिंदा रखा है। जिसका तिब्बत अपनी दिल की गहराईयों से कोटी कोटी नमन करता है। चीन के कुशासन के रवैये से तंग आकर तिब्बतियों को वहां से पलायन करना पड़ा। उन्हानें कहा कि भारत वासुदेव कुटुम्बकम की पेशकश को भलि भांति निभाना जानता है और उसको निभाने में हर सम्भव तिब्बत की मदद करता रहता है। उन्होने बताया कि भारत के कुशल प्रशासन के द्वारा तिब्बतियों की साक्षरता दर 90 प्रतिशत से अधिक है। उसके बाद तिब्बतियों द्वारा भारत के धन्यवाद में ‘ऐ हिन्द तेरी सर जमीं का तिब्बत को तोहफा मिला है’ गीत से सभी को भाव विभौर कर दिया गया। तिब्बत के राष्ट्रीय पशु यॉक के नृत्य की भी प्रस्तुती दी गई। धन्यवाद भारत के कार्यक्रम के अंत में तिब्बती प्रदर्शनी व तिब्बती समुदाय की महिलाओं द्वारा ओपेरा नृत्य भी पेश किया गया।