कफोटा में हाटी समुदाय ने उठाई जनजातिय क्षेत्र की मांग

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कार्तिक गतवात। सतौन
गिरीपार पहाड़ी क्षेत्र शिलाई के अंतर्गत कफोटा के लोक निमार्ण विश्राम गृह में हाटी अधिकार मंच के सदस्यों ने बैठक का आयोजन किया। बैठक में हाटियो की पांच दशक पुरानी अनुसूचित जनजाति की मांग को जोर शोर से उठाया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विचार-विमर्श करके यह निर्णय लिया कि हाटी जनजातीय आंदोलन को तह तक ले जाने के लिए ग्रामीण व पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन करने की आवश्यकता है। बैठक में सभी सदस्यों ने अपने अपने विचार रखें,
उन्होनें बताया कि राजनीतिक दल अपना उल्लू सीधा करने के लिए जनता का प्रयोग करते है और समय पर उन्हें भूल जाते है।
उन्होनें बताया कि 1967 में सरकार ने जौनसार बाबर को जौनसार बाबर के समुदाय को जनजाति का दर्जा दिया तो एक समान हरित एक समान सामाजिक ताना बाना रीति रिवाज पहरावे जातीय संरचना भाषा खान पान वाले गिरिपार के हाटी समुदाय के लोगों को यह अधिकार क्यों नहीं दिया गया। इस मौके पर लाल सिंह, इंद्र सिंह, संतराम तोमर, रामानंद लायक राम, रामलाल शर्मा, प्रकाश बलदेव, बबलू, गोपाल, कुलदीप सिंह, अजय शर्मा, पवन देवी, अरुणा देवी, हरीश पुंडीर, गुमान सिंह, वेदप्रकाश, रघुवीर सिंह, जगदीश, अर्जुन शर्मा, मंगल सिंह, वीरू, जोगिंद्र, साधूराम व अमित ठाकुर इत्यादि लोग मौजूद थे।