​बस स्टैड पांवटा की हालत दयनीय, यात्री परेशान ​

समस्या

सिरमौर न्यूज। पांवटा साहिब
धार्मिक स्थल व गुरू गोविन्द्र सिंह की तपोस्थली भूमि पांवटा साहिब के बस स्टेड का आलग ब्यां करने में भी संकोच आता है। पांवटा साहिब शहर जहां उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों की सीमा से घिरा हुआ है। गुरू नगरी पांवटा साहिब में यात्रियों का दिन भर आवगमन होता रहता है। जब वह पांवटा पहुचते है तो उनका स्वागत किचड, धूड, मिट्टी और गंदगी से होता है। राज्य सरकार विकास कार्याे को उच्चाईयों पर ले जाने के लिए अपने दावें पेश कर रही है। वही पांवटा का एक मात्र बस स्टैण्ड जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कोई भी प्रबंध नही किया गया है। राज्य सरकार विकास कार्याे को उच्चाईयों पर ले जाने के लिए अपने दावें पेश कर रही है। वही पांवटा का एक मात्र बस स्टैण्ड जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कोई भी प्रबंध नही किया गया है। वहीं गुरू की नगरी होने से यहां पर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। बस स्टेण्ड पर यात्री यहां पर खुले में शौच करते है। जो शौचालय महिलाओं के लिए बनाए गए है उसमें गंदगी का आलम के अलावा शौचालय के दरवाजें भी ठीक से बंद नही होते। इसकी छत भी जर्जर हालत में है जो किसी भी समय दुर्घटना को न्यौता दे सकती है। हांलाकि ये कई बार यात्रियों के सामान के उपर गिरी भी है परन्तु कोई नुकसान अभी तक नही हुआ है।
प्रदेशों से आने वाले यात्री पांवटा के बस स्टैण्ड पर कदम रखते ही यहां की सरकार और सम्बधित विभाग को दुहाई देते है। बस स्टैण्ड के अन्दर सुरक्षा के कोई भी इंतेजाम नही है। जिससे के कारण यात्रियों का यहां सामान चोरी होता है। बस स्टेण्ड से यदि कोई जानकारी लेनी हो तो यहां का फोन कई महिनों से ठप पडा है। इसके रख-रखाव पर कोई ध्यान नही दिया गया है और यहां पहुचने वाले यात्री बस स्टैण्ड की गंदगी भरी हालत को देखते ही सरकार की निष्क्रियता के बारें में अन्य राज्यों में भी चर्चा की जाती है। जो आगन्तुक यहां एक बार आ जाता है वह इस बस स्टेड पर दूबारा आने की अपेक्षा नही रखता।
केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार कई वर्षो से पांवटा बस स्टैड को आधुनिक बनाने के लाख दावें कर चुकी है। परन्तु धरातल पर स्थिती जस की तस बनी हुई है।