​कोली समाज ईकाई पांवटा ने एसडीएम के माध्यम सर्वोच्च न्यायालय को भेजा ज्ञापन

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सिरमौर न्यूज। पांवटा साहिब
हिमाचल प्रदेश कोली समाज ईकाई पांवटा साहिब के सदस्यों द्वारा उप-मण्डल दण्डाधिकारी के माध्यम से माननीय सर्वोच्च न्यायालय, केन्द्रिय एवं राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा गया है। जिसमें ईकाई ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के एक्ट 1989 में एटरोसीटी को खारिज करने में विरोध में रोष प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि भारत की स्वतन्त्रता से भारत के संविधान पर यह बहुत बड़ा प्रहार है तथा वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों को छीनने की बहुत बड़ी साजिश एवं खिलवाड़ है। बाबा साहब भीम राव अम्बेड़र के अथक प्रयासों से भारत के संविधान को बनाया था। जिसकों खत्म करने का कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शुरू कर दिया है। जगह जगह बाबा साहब भीम राव अम्बेड़कर की मूर्तियां तोड़ी जा रही है। जिसमें देश में कई जगह देश में अशांति का माहौल है। हिमाचल प्रदेश कोली समाज ईकाई पांवटा साहिब ने दलितों के उत्थान के लिए यदि कोई कानून एवं विकास का कार्य नहीं कर सकते तो कम से कम भारत कि आजादी के बाद सविधान अनुसार दलितों के हितों को समाप्त न किया जाए। इस दौरान कोली समाज ईकाई के अध्यक्ष अतर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष यशपाल सिंह, पूर्व प्रधान सुनिल कुमार, मीड़ीया प्रभारी भीम सिंह, धनवीर सिंह, प्रेम सिंह, घासी राम व लायक राम समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।