आउटसोर्स  की नई भर्तियां न करके आउटसोर्स कर्मियों को नीति बनाए प्रदेश सरकार:- राजेश चौहान

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सिरमौर न्यूज/ पांवटा साहिब

हिमाचल प्रदेश में कार्यरत 30,000 हज़ार से अधिक आउट्सॉर्स कर्मचारीयों के लिए अभी तक कोई स्थाई पॉलिसी नहीं बनी। और सरकार फिर से शिक्षा विभाग में 6-7 हज़ार आउट्सॉर्स की भर्तिया करवाना जा रही है। जिसका आउट्सॉर्स महासंघ कर्मचारी विरोध कर रहे है। आउट्सॉर्स महासंघ के महासचिव राजेश चौहान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में विभिन्न विभागों में लगभग 30,000 हज़ार से अधिक आउट्सॉर्स कर्मचारी लगातार 15-20 सालों से पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपनी सेवाए दे रहे हैं, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा कोई स्थाई पॉलिसी नहीं बना पाई इसके बावजूद अभी भी सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में 6-7 हज़ार आउट्सॉर्स कर्मचारियों की भर्तिया की जा रही हैं जो की बहुत ही ज्यादा चिंता का विषय हैं, क्योंकि एक तरफ़ से सरकार कुछ विभागों में कार्यरत आउट्सॉर्स कर्मचारियों की संख्या को कम करने का प्रयास कर रही वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में आउट्सॉर्स भर्तिया करने जा रही हैं, जो की बिल्कुल सही नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश सरकार से निवेदन हैं की आउट्सॉर्स कर्मचारी की भर्ती भविष्य में बिल्कुल बंद होनी चाहिए। राजेश चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में 6-7 हज़ार आउट्सॉर्स कर्मचारियों की भर्तिया की जा रही हैं जिसका हम विरोध करते हैं। साथ ही उन्होने हिमाचल सरकार से आग्रह किया है की हिमाचल प्रदेश के विभिन्न आउटसोर्स कर्मियों के लिए जल्द से जल्द स्थाई नीति बनाई जाएं और हाल ही में शिक्षा विभाग में हो रही इस प्रकार की भर्तियां न करके अनुबंध और स्थाई भर्तियां करने की अनुशंसा करें।